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Sunday, 2 August, 2026
होमदेशकेरल में भारी बारिश का कहर: 8 लोगों की मौत, 8 लापता, 13 घायल—मुख्यमंत्री सतीशन

केरल में भारी बारिश का कहर: 8 लोगों की मौत, 8 लापता, 13 घायल—मुख्यमंत्री सतीशन

ऑरेंज अलर्ट का मतलब 115 मिमी से 204 मिमी तक बहुत भारी बारिश होना है.

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तिरुवनंतपुरम. केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने रविवार को कहा कि पिछले दिन हुई भारी बारिश में आठ लोगों की मौत हो गई, इतने ही लोग लापता हैं और 13 लोग घायल हुए हैं. इस बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में संपत्ति का नुकसान हुआ, भूस्खलन हुआ और जलभराव की स्थिति पैदा हो गई.

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में सतीशन ने कहा कि 27 घर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, 196 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है और 5,792 लोगों को राज्यभर में बनाए गए 209 राहत शिविरों में पहुंचाया गया है.

उन्होंने आगे कहा कि सरकार मृतकों के परिवारों और जिन लोगों ने अपने घर और आजीविका खो दी है, उन्हें हर संभव सहायता देगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दिन की तुलना में बारिश कम हुई है, लेकिन लोगों को सतर्क रहना चाहिए, खासकर पहाड़ी इलाकों में.

उन्होंने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधि और स्वयंसेवक राहत कार्यों में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं.

सतीशन ने आगे कहा कि वह बारिश से जुड़े राहत कार्यों को लेकर राजस्व मंत्री ए. पी. अनिलकुमार, विभिन्न जिलों की जिम्मेदारी संभाल रहे अन्य मंत्रियों और स्थानीय प्रशासन के लगातार संपर्क में हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के कई हिस्सों में बारिश कम होना राहत की बात है और जहां बाढ़ या जलभराव था, वहां सफाई का काम शुरू हो गया है.

उन्होंने राजनीतिक दलों और स्वयंसेवी संगठनों के कार्यकर्ताओं से सफाई अभियान में हिस्सा लेने की अपील की और इसके लिए सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का भरोसा दिया.

अनिलकुमार ने यहां पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि पिछले दिन हुई भारी बारिश से राज्य में बड़े पैमाने पर नुकसान और जलभराव हुआ था, लेकिन अब स्थिति में सुधार हो रहा है और हालात नियंत्रण में हैं.

मंत्री ने कहा कि कई जगहों पर क्षतिग्रस्त सड़कों को फिर से आवागमन के लिए खोल दिया गया है, जबकि कुछ इलाकों में वाहनों की आवाजाही पर अभी भी रोक या पाबंदी है.

उन्होंने आगे कहा कि भारी बारिश को देखते हुए राज्य के कई जिलों में पहले ही अलर्ट जारी कर दिया गया है और उससे निपटने की सभी तैयारियां कर ली गई हैं.

केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA) के अनुसार, शनिवार को राज्य के कुछ इलाकों में 320 मिमी तक बारिश हुई, जिससे सड़कों और निचले इलाकों में जलभराव हो गया.

प्राधिकरण ने बताया कि सबसे ज्यादा 320 मिमी बारिश कन्नूर जिले के अय्यनकुन्नू इलाके में दर्ज की गई. वहीं राज्य के उत्तरी मालाबार क्षेत्र के कई अन्य इलाकों में शनिवार सुबह 3 बजे से आधी रात तक 90 मिमी से 180 मिमी तक बारिश हुई.

टीवी चैनलों पर दिखाए गए दृश्यों के अनुसार, इस बारिश के कारण राज्य के कई निचले और नदी किनारे वाले इलाके जलमग्न हो गए. खासकर पथानामथिट्टा, इडुक्की, वायनाड, कोट्टायम, कोझिकोड और कन्नूर जिलों में कई घरों में भी पानी घुस गया.

रविवार सुबह बारिश कम हो गई, लेकिन राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ का पानी अभी भी नहीं उतरा था. खासकर पथानामथिट्टा जिले के रानी इलाके और अलाप्पुझा जिले के कुट्टनाड इलाके में लोग छोटी नावों से यात्रा करते हुए दिखाई दिए.

बारिश कम होने के कारण कई बांधों का जलस्तर भी घट गया, जिसके बाद पिछले दिन खोले गए उनके गेट बंद कर दिए गए.

हालांकि KSDMA के अनुसार, इडुक्की, पथानामथिट्टा और त्रिशूर जिलों के कुछ बिजली उत्पादन बांधों का जलस्तर अब भी रेड अलर्ट की स्थिति में बना हुआ है.

पथानामथिट्टा जिले में बारिश के कारण 25 गांवों के करीब 40 घरों को नुकसान पहुंचा. इनमें से ज्यादातर घर जिले के रानी और कोन्नी इलाकों में हैं.

राज्य के पर्यटन मंत्री पी. सी. विष्णुनाध ने कहा कि भारी बारिश के बाद पथानामथिट्टा और अरनमुला इलाके में बचाव और राहत कार्यों के लिए NDRF की एक अतिरिक्त टीम तैनात की गई है. साथ ही तिरुवनंतपुरम, पलक्कड़ और एर्नाकुलम से फायर फोर्स की अतिरिक्त टीमें भी मंगाई गई हैं.

उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई के लिए मछुआरों और उनकी नावों को भी तैयार रखा गया है. उन्होंने यह भी कहा कि अरनमुला इलाके पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है, क्योंकि वहां से पानी उतरने में ज्यादा समय लगता है.

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 अगस्त को रविवार के लिए राज्य के 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया था.

केरल में पिछले दिन हुई भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ, निचले इलाके जलमग्न हो गए, नदियों और बांधों का जलस्तर बढ़ गया और प्रशासन को प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर बचाव और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभियान शुरू करना पड़ा.

ऑरेंज अलर्ट का मतलब 115 मिमी से 204 मिमी तक बहुत भारी बारिश होना है.

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