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Saturday, 5 September, 2026
होमराजनीति‘मेरे पिता को न्याय दिलाइए’: CJP वालंटियर ने राहुल से लगाई गुहार, Gen Z अभियान से कैसे जुड़ा मामला

‘मेरे पिता को न्याय दिलाइए’: CJP वालंटियर ने राहुल से लगाई गुहार, Gen Z अभियान से कैसे जुड़ा मामला

राहुल ने जल्द ही उसके पोस्ट का जवाब देते हुए कहा, ‘मैं तुम्हारे साथ हूं.’ इसके तुरंत बाद, कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल CJP के पास बैठ गया, जब वे दिल्ली पुलिस से जवाब मांग रहे थे.

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नई दिल्ली: खुद को ‘हिंदुत्व एक्टिविस्ट’ बताने वाले एक व्यक्ति ने एक इंटरव्यू में शेखी बघारते हुए कहा कि उसने जंतर-मंतर के प्रदर्शन में “एक आदमी का सिर फोड़ दिया” और फिर भी बच गया. घायल व्यक्ति की किशोर बेटी, जो कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की वालंटियर हैं, उन्होंने सोशल मीडिया पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से रोते हुए न्याय की अपील की. इसके बाद शुक्रवार को दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में एक असामान्य नज़ारा देखने को मिला—CJP और कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल अलग-अलग मोर्चों का प्रतिनिधित्व करने के बावजूद एक साथ बैठे और जवाब मांग रहे थे.

कांग्रेस, जिसने अब तक सीजेपी से दूरी बनाए रखी थी, पहली बार एक ही टेबल पर बैठी थी. पार्टी की ओर से भेजे गए कई वकील CJP के आशुतोष रांका और सौरव दास के पास बैठे और ड्यूटी पर मौजूद पुलिस अधिकारियों से सवाल-जवाब किए. कांग्रेस यूथ विंग भी वहां मौजूद थी, जिसका प्रतिनिधित्व उसकी दिल्ली इकाई के अध्यक्ष अजय लाकड़ा कर रहे थे.

14 साल की सीजेपी वालंटियर की राहुल से अपील ऐसे समय में आई है, जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी लगातार खुद को युवाओं, खासकर छात्रों के साथ खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं. इसे इस बात के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है कि युवा प्रदर्शनकारियों के साथ कांग्रेस सांसद के दखल—उनके ‘Smash the Patriarchy’ वाले आह्वान से लेकर घायल छात्रों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करने तक—को जेन ज़ी के बीच कुछ समर्थन मिला है.

यह सब कैसे शुरू हुआ, आइए जानते हैं.

तीन सितंबर को यूट्यूब पर अपलोड किए गए ‘The Casual Talk’ नाम के पॉडकास्ट में अपने इंटरव्यू के दौरान स्वतंत्र भारद्वाज ने कहा कि उसने एक व्यक्ति की पिटाई की थी, जो बाद में 14 साल की सीजेपी वालंटियर का पिता निकला. उसने कहा, “मैंने अपने कड़े से उसका सिर फोड़ दिया” और यह भी कहा कि “दुनिया को पता होना चाहिए कि मुझे इसके लिए जेल तक नहीं जाना पड़ा.”

उसने दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा, कैबिनेट मंत्री चिराग पासवान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना “बड़े भैया” बताया. इससे यह संकेत मिला कि बीजेपी से उसके संबंधों की वजह से वह गिरफ्तारी से बच गया.

यह इंटरव्यू वायरल हो गया.

इसके बाद नाबालिग सीजेपी वालंटियर ने एक्स पर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से अपने पिता के लिए न्याय की अपील की.

उन्होंने एक्स पर एक वीडियो संदेश के साथ लिखा, “अब मुझे विपक्ष के नेता @RahulGandhi से उम्मीद है कि वह हमें ज़रूर न्याय दिलाएंगे. मैं लड़ूंगी और यह लड़ाई जीतूंगी.”

राहुल ने जल्द ही उनके पोस्ट का जवाब दिया.

उन्होंने एक्स पर लिखा, “…घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है. मैं तुम्हारे साथ हूं. यह साफ है कि तुम्हें इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि तुम अपने समुदाय और छात्रों के अधिकारों के लिए आवाज़ उठाती हो. अमित शाह की दिल्ली पुलिस एक तरफ छात्रों के साथ अमानवीय तरीके से हिंसा करती है. दूसरी तरफ, दलित लड़की के पिता का सिर फोड़ने वाला अपराधी खुलेआम घूम रहा है. @narendramodi जी, @AmitShah जी–ऐसे अपराधी को आपकी और आपकी पार्टी के लोगों की सुरक्षा क्यों मिल रही है? क्या अब कार्रवाई होगी या आप किसी को बचाते रहेंगे?…तुम्हारी लड़ाई अकेली नहीं है. जब तक न्याय नहीं मिलता, हम नहीं रुकेंगे. जय भीम. जय संविधान.” उन्होंने एक्स पर लिखा और इस पोस्ट को अपने हैंडल पर पिन कर दिया.

इसके तुरंत बाद, वरिष्ठ पार्टी नेता और वकील अभिषेक मनु सिंघवी की अगुवाई वाली कांग्रेस की कानूनी टीम ने किशोरी की मदद के लिए वकील ऋषव रंजन के नेतृत्व में छह वकील भेजे.

सिंघवी ने एक्स पर लिखा, “पीड़िता को RG के स्पष्ट समर्थन के बाद, AICC Law Department ने न्याय दिलाने के लिए ऋषव रंजन के नेतृत्व में 6 वकीलों की तैनाती सुनिश्चित की…”

सिंघवी ने आगे बताया कि कानूनी टीम ने हाल के दिनों में…को कथित तौर पर मिली रेप की धमकियों को लेकर अलग शिकायत भी तैयार की और उसे दर्ज करवाना सुनिश्चित किया.

उन्होंने लिखा, “विस्तृत चर्चा के बाद, दिल्ली पुलिस ने भरोसा दिलाया है: • हत्या की कोशिश और SC/ST Act से जुड़ी उचित धाराएं जोड़ी जाएंगी • 72 घंटे के अंदर स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार किया जाएगा • ऑनलाइन गाली-गलौज, उत्पीड़न और धमकियों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अलग एफआईआर दर्ज की जाएगी.”

CJP के राष्ट्रीय संयोजक दीपक बालियान ने दिप्रिंट को बताया कि कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी का यह मतलब नहीं था कि पुलिस स्टेशन का दौरा कांग्रेस का कार्यक्रम था.

बालियान ने कहा, “हम राजनीतिक पार्टी नहीं हैं, यह एक खुला आह्वान था. हमारे साथ किसी के भी शामिल होने से हमें कोई दिक्कत नहीं थी. NSUI IYC के प्रदर्शनकारी भी वहां थे, कांग्रेस और भीम आर्मी (भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद के संदर्भ में) जैसी दूसरी पार्टियों के नेता भी वहां थे. पुलिस से बात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में हम CJP के तीन लोग थे और बाकी लोग अन्य संगठनों से थे.”

CJP के सूत्रों ने बताया कि किशोरी वालंटियर प्रदर्शन शुरू होने के बाद से ही संगठन से जुड़ी हुई है. उम्र कम होने की वजह से वह पदाधिकारी नहीं है, लेकिन वह आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल रही है और इसके समर्थन में वीडियो भी बनाए हैं.

स्वतंत्र भारद्वाज, अब दो एफआईआर का सामना कर रहा है

स्वतंत्र भारद्वाज, जिसने बाद में दावा किया कि उसने उस व्यक्ति पर आत्मरक्षा में हमला किया था, को शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया. उसके खिलाफ दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं. इनमें से एक SC/ST (Prevention of Atrocities) Act और दूसरी Protection of Children From Sexual Offences Act के तहत है.

सौरव दास ने एक्स पर लिखा, “यह नाबालिग पीड़िता की ओर से ऑनलाइन धमकियों और उत्पीड़न को लेकर दी गई नई शिकायत के आधार पर है. अभी तक जो अन्य बड़ी धाराएं जोड़ी गई हैं, उनमें मौत की धमकी देने के लिए BNS की धारा 351(3) के तहत आपराधिक धमकी, महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने और पीछा करने के लिए धाराएं 78 और 79, और अश्लील सामग्री के लिए आईटी एक्ट की धारा 67 शामिल हैं. आगे और जानकारी दी जाएगी. हमारे वकील शिवांश अग्रवाल अभी थाने में हैं और पुलिस से बात कर रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि वे अपने वादे पूरे करें.”

राहुल के धरने और ‘छात्रों की गूंज’

राहुल के Gen Z को जोड़ने वाले अभियान का मुख्य हिस्सा उनका ‘छात्रों की गूंज’ अभियान है. जून में शुरू हुआ यह अभियान उन्हें कोटा, देहरादून और प्रयागराज ले गया है. वहां उन्होंने पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं, बेरोजगारी, शिक्षा की लागत और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों की चिंताओं पर ध्यान दिया है.

20 जुलाई को जंतर-मंतर के प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई के बाद राहुल ने छात्रों का समर्थन किया और पुलिस की बर्बरता और पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोप लगाए. अगस्त में वह 19 साल के सीजेपी प्रदर्शनकारी साहिल लोचब के साथ पुलिस स्टेशन गए थे. साहिल की एक आंख में गंभीर चोट आई थी.

जब लोचब की पुलिस शिकायत तुरंत दर्ज नहीं की गई, तो कांग्रेस सांसद ने एफआईआर की मांग करते हुए DCP कार्यालय के बाहर धरना दिया. इसके बाद एफआईआर दर्ज की गई.

राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर भी धरना दिया था और उस समय के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी. इसके बाद प्रधान ने इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद CJP ने अपना आंदोलन खत्म कर दिया.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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