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Sunday, 26 April, 2026
होमदेशसदन में जितनी अच्छी चर्चा होगी, विधानसभा की प्रतिष्ठा उतनी ही बढ़ेगी :बिरला

सदन में जितनी अच्छी चर्चा होगी, विधानसभा की प्रतिष्ठा उतनी ही बढ़ेगी :बिरला

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लखनऊ, 20 मई (भाषा) लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार को कहा कि विधानमंडलो की प्रतिष्ठा और प्रमाणिकता तभी होगी जब विधानसभा के जनप्रतिनिधियों की अच्छी प्रमाणिकता होगी। उन्होंने कहा कि सदन में जितनी अच्छी चर्चा और संवाद होगा विधानसभा की गरिमा और प्रतिष्ठा में उतनी ही वृध्दि होगी।

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के आचरण और व्यवहार से ही सदन की गरिमा बढ़ती है। इसलिए सदन के अंदर आचरण के उच्चतम मानदंड अपनाना चाहिए और सदन की पवित्रता को कायम रखना चाहिए।

उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र 23 मई से ‘ई-विधान व्यवस्था’ से शुरू होगा और विधानसभा की सारी कार्यवाही डिजिटल तरीके से संपन्न होगी।

लोकसभा अध्यक्ष ने राज्य विधानसभा के नवनिर्वाचत विधायकों के प्रबोधन कार्यक्रम व ई-विधान व्यवस्था की शुरुआत की।

उन्होंने कहा कि सदनों के अंदर व्यवधान उत्पन्न करने से या नारेबाजी और तख्तियां दिखाने से न तो माननीय सदस्यों की प्रतिष्ठा बढ़ती है और न ही सदन की गरिमा बढ़ती है, इसलिए हमें ऐसी प्रथाओं को उत्साहित नहीं करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सदन में हंगामे और नारेबाजी के कारण सदनों की गरिमा गिरती जा रही है, हमें विधानमंडलों की मर्याद तथा गरिमा बनाए रखने के लिए चर्चा और संवाद करना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘बहुत से राजनेता इन्हीं विधानसभाओं से निकले हैं, जिन्होंने तर्कों के आधार पर विधानसभा और लोकसभा में अपनी बात रखी। आज विधानमंडल और लोकसभा देश के सर्वश्रेष्ठ नेता बनाने का एक माध्यम और मंच हैं।”

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि जनता का विश्वास हमारे संसदीय लोकतंत्र के लिए और बढ़ा है। बिरला ने कहा कि संसद और विधानमंडल का मूल काम कानून बनाने का है, इसलिए कानून बनाते समय व्यापक चर्चा संवाद करना चाहिए।

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि हमारे मनीषियों खासकर उत्तर प्रदेश में विशेष रूप से जवाहर लाल नेहरू, बाबा साहेब आंबेडकर सहित तमाम नेताओं ने बड़ी सूझबूझ के साथ संसदीय प्रणाली अपनायी।

बिरला ने उत्तर प्रदेश को देश की आध्यत्मिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक चेतना के केंद्र की संज्ञा देते हुए विधानसभा के गौरवशाली इतिहास को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की विधानसभा शायद देश की सबसे बड़ी विधानसभा होगी, उत्तर प्रदेश के सांसद देश के प्रधानमंत्री हैं और राष्ट्रीय राजनीति में उत्तर प्रदेश की विशेष भूमिका है।

उन्होंने कहा कि आजादी के बाद हमारे नेताओं ने संसदीय प्रणाली को अपनाया। बिरला ने अंत्योदय के लक्ष्य के साथ विधानमंडल को चर्चा-संवाद के सार्थक केंद्र बनाने के लिए प्रेरित भी किया।

ओम बिरला ने मात्र एक-डेढ़ माह में ‘ई-विधान’ व्यवस्था को लागू करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना को धन्यवाद भी दिया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप शासन को तकनीकी से जोड़ने का कार्य हो रहा है। मोदी के डिजिटल मिशन को बढ़ाते हुए ‘वन नेशन वन एप्लिकेशन’ के भाव के साथ विधानसभा में ‘ई-विधान’ प्रणाली लागू की गई है।

योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने दो वर्ष पहले ही पेपर मुक्त बजट प्रस्तुत किया था। उन्होंने कहा कि ई कैबिनेट और ई बजट के बाद अब पूरी विधानसभा ‘पेपर मुक्त’ हो रही है।

23 मई से शुरू हो रहे सत्र में आवश्यकतानुसार दस्तावेजों की हार्डकॉपी मिल सकेगी, लेकिन आगामी सत्र से सब कुछ पूरी तरह पेपर मुक्त होगा।

कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने भी अपने विचार रखे। इस पर मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष को भी धन्यवाद दिया और कहा कि हम जनता के हितों के लिए मिलकर कार्य करेंगे।

इससे पहले विधायकों के प्रबोधन कार्यक्रम को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और सदन में विपक्ष के नेता अखिलेश यादव ने भी संबोधित किया।

भाषा जफर मनीषा शोभना प्रशांत संतोष

संतोष

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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