चेन्नई, 15 अप्रैल (भाषा) चेन्नई मेट्रो रेल लिमिटेड (सीएमआरएल) ने मेट्रो रेल परियोजना के 2010 के चरण-1 के संबंध में भाजपा की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष के. अन्नामलाई के आरोपों को फर्जी और छवि खराब करने वाला बताते हुए शनिवार को कहा कि अनुशेष जारी करने से करीब 250 करोड़ रुपये की बचत हुई है।
अन्नामलाई द्वारा अनुशेष जारी करने का मुद्दा उठाए जाने पर चेन्नई मेट्रो ने कहा कि निविदा मंगवाने के बाद केन्द्र ने पांच मई, 2010 को ‘जापान इंटरनेशनल को-ऑपरेशन एजेंसी’ (जेआईसीए) द्वारा वित्तपोषित परियोजनाओं के लिए ‘मानद निर्यात’ लाभ संबंधी अधिसूचना जारी की थी।
चेन्नई मेट्रो ने कहा कि केन्द्र की अधिसूचना से परियोजना में कोई नीतिगत बदलाव नहीं हुआ लेकिन इससे स्थानीय निर्माताओं को लाभ पहुंचने वाला था। उसने कहा, चूंकि निविदा केन्द्र की अधिसूचना आने से पहले जारी की जा चुकी थी, ऐसे में उसका लाभ लेने और खर्च में कटौती करने के लिए अनुशेष जारी करना आवश्यक था।
अन्नामलाई ने 14 अप्रैल को आरोप लगाया था कि 2011 में द्रमुक के चुनावी फंड के लिए दो मुखौटा कंपनियों के माध्यम से मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को 200 करोड़ रुपये का लाभ पहुंचाया गया था।
उन्होंने कहा था कि वह सीबीआई से शिकायत करके जांच की मांग करेंगे।
भाषा अर्पणा माधव वैभव
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