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Thursday, 23 April, 2026
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केरल में हर्षोल्लास से मनाया गया मलयालम नववर्ष ‘विशु’

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तिरुवनंतपुरम , 15 अप्रैल (भाषा) केरल में शनिवार को लोगों ने समृद्धि और खुशहाली से भरे आगामी दिनों की कामना करते हुए हर्षोल्लास के साथ मलयालम नववर्ष ‘विशु’ मनाया।

‘विशु’ फसल कटाई के पर्व के रूप में मनाया जाता है और यह मलयालम महीने ‘मेडम’ के पहले दिन पड़ता है।

हिंदू परिवारों में दिन की शुरुआत सुबह जल्दी उठने और ‘ विशुक्कनी’ देखने के साथ होती है। यह ऐसा रिवाज है जिसके तहत तांबे के बर्तनों में चीजों को सजाकर रख दिया जाता है क्योंकि उसे आशा और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है और सुबह -सुबह उसका दर्शन किया जाता है।

भगवान के सामने पीतल के बर्तन में मौसमी फल के अलावा सब्जियां, फूल, चावल, स्वर्णाभूषण, कपड़े, सिक्के और धर्मग्रंथ सजाकर रख दिये जाते हैं और विशु के दिन सुबह उठने पर लोग सबसे पहले उसका दर्शन करते हैं।

पंरपरा के अनुसार बड़े-बुजुर्ग परिवार के छोटे लोगों /सदस्यों को पैसे खासकर सिक्के ‘विशुक्कीनीतम’ के रुप में देते हैं।

राज्य के उत्तरी हिस्से में आज के दिन ‘विशु विलाक्कू’ यानी कई मंदिरों में उत्सव परंपरा की शुरुआत होती है ।

मध्य एवं दक्षिण जिलों में खीरे, आम और कटहल जैसे मौसमी फलों एवं सब्जियों से ‘विशु साध्य’ नामक स्वादिष्ट व्यंजन तैयार किया जाता है।

गुरूवयुर में भगवानकृष्ण और सबरीमला में भगवान अयप्पा समेत सभी बड़े मंदिरों में प्रात: बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान का दर्शन तथा पूजा-अर्जना करने पहुंचते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने केरल के लोगो को ‘विशु’ की बधाई दी है।

भाषा राजकुमार माधव

माधव

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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