लखनऊ, 23 मई (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को निर्देश दिए हैं कि राजस्व मामलों के त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया जाए।
उन्होंने कहा कि भूमि और राजस्व से जुड़े विवाद आमजन के जीवन, किसान हितों और सामाजिक सौहार्द से सीधे जुड़े होते हैं, इसलिए इन मामलों में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि निर्धारित समय-सीमा के बाद भी लंबित रहने वाले मामलों में संबंधित अधिकारियों और कार्मिकों की जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री शनिवार को यहां अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों के निस्तारण की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे।
उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उपस्थित सभी मण्डलायुक्तों और जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में लंबित मुकदमों का एक समय-सीमा तय करके निस्तारण कराने के निर्देश दिए।
भाषा जफर गोला
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