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Saturday, 6 June, 2026
होमदेशकॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में दिल्ली पुलिस के फोटोग्राफर नारंगी जैकेट और बॉडी कैमरे में क्यों दिखे

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में दिल्ली पुलिस के फोटोग्राफर नारंगी जैकेट और बॉडी कैमरे में क्यों दिखे

दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने कहा कि यह सिर्फ एक ‘लॉजिस्टिक’ व्यवस्था थी, ताकि बिना वर्दी तैनात पुलिसकर्मियों की पहचान आसानी से हो सके.

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नई दिल्ली: शनिवार को जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने अपने कैमरा कर्मियों को खास पहचान वाली पोशाक में तैनात किया. उनके पास बॉडी-वॉर्न कैमरे थे और उन्होंने नारंगी रंग की जैकेट पहन रखी थी, जिससे उन्हें आसानी से पहचाना जा सके.

उनकी जैकेट के पीछे साफ तौर पर लिखा था कि वे नई दिल्ली जिला पुलिस से हैं और उनकी भूमिका फोटोग्राफर की है.

ऐसे करीब दो दर्जन पुलिसकर्मी प्रदर्शन स्थल पर मौजूद थे. वे पूरे निर्धारित प्रदर्शन क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से घूम रहे थे, जहां बड़ी संख्या में कॉलेज छात्र, अभिभावक और CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके तथा सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सुनने आए लोग मौजूद थे.

दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने बताया कि यह कदम सिर्फ “लॉजिस्टिक व्यवस्था” का हिस्सा था, ताकि बिना वर्दी ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों की पहचान आसानी से की जा सके.

दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर दिप्रिंट को बताया, “आजकल ऐसे प्रदर्शन स्थलों पर बड़ी संख्या में डिजिटल मीडिया के लोग मौजूद रहते हैं. वे भी वही कैमरे इस्तेमाल करते हैं जो पुलिसकर्मी अपने काम के लिए इस्तेमाल करते हैं. प्रदर्शन स्थल पर ऐसे सैकड़ों, बल्कि हजारों कैमरा कर्मी थे. इसलिए हमारे फोटोग्राफरों को आसान पहचान के लिए यह जैकेट पहनने को कहा गया.”

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि ऐसी करीब दो दर्जन जैकेट पहले से तैयार कराई गई थीं और पुलिस फोटोग्राफरों को दी गई थीं.

जैकेट के अलावा दिल्ली पुलिस ने उन्हें बॉडी-वॉर्न कैमरे भी दिए थे, ताकि प्रदर्शन स्थल की गतिविधियों की रिकॉर्डिंग और निगरानी जारी रखी जा सके.

बोस्टन में रहने वाले भारतीय छात्र अभिजीत दीपके ने CJP की स्थापना उस समय की थी, जब भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की एक टिप्पणी पर विवाद खड़ा हो गया था. उन्होंने बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से की थी, जिसके बाद व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिली. बाद में मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया था कि उनकी टिप्पणी उन वकीलों के लिए थी जो फर्जी डिग्री लेकर कानूनी पेशे में आते हैं.

लेकिन तब तक CJP सोशल मीडिया पर एक बड़ा डिजिटल आंदोलन बन चुका था. इसके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाखों फॉलोअर हो गए थे और इंस्टाग्राम पर इसके फॉलोअर्स की संख्या बीजेपी और कांग्रेस से भी ज्यादा बताई जा रही थी.

दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने के लिए पहले ही आयोजकों को नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी कर दिया था. इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था के तहत केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की करीब 13 कंपनियां भी तैनात की गई थीं.

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों को भी प्रदर्शन स्थल पर तैनात किया गया था.

भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नई दिल्ली रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त दीपक पुरोहित, डीसीपी सचिन शर्मा, अतिरिक्त डीसीपी पंकज कुमार मिश्रा और डीसीपी (सुरक्षा) हुकुम राम साई समेत सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पूरे प्रदर्शन के दौरान मौके पर मौजूद रहे.

हालांकि, तेज गर्मी और लंबी हवाई यात्रा (जेट लैग) के कारण अभिजीत दीपके की तबीयत बिगड़ने के बाद आयोजकों ने प्रदर्शन को निर्धारित समय से पहले ही समाप्त कर दिया.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.)


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