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Tuesday, 28 July, 2026
होमदेशप्रदर्शनकारियों पर पेलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया?—लोकसभा में प्रियंका ने सरकार से पूछा सवाल

प्रदर्शनकारियों पर पेलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया?—लोकसभा में प्रियंका ने सरकार से पूछा सवाल

प्रियंका गांधी ने कहा, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री जवाब दें. आरोप लगाया कि 10 साल में 152 पेपर लीक हुए, लेकिन एक भी माफिया को सजा नहीं मिली.

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नई दिल्ली: कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को लोकसभा में नीट-यूजी पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर बीजेपी सरकार पर हमला बोला. उन्होंने पूछा कि प्रदर्शनकारियों पर पेलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इसका जवाब देना चाहिए.

लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को आरएसएस प्रचारकों से भरकर कमजोर कर दिया है. उन्होंने कहा कि पिछले 10 साल में 152 पेपर लीक हुए, लेकिन एक भी पेपर लीक माफिया को सजा नहीं मिली.

उन्होंने सरकार पर जरूरत से ज्यादा केंद्रीकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को जबरन बनाकर पूरी परीक्षा व्यवस्था को केंद्रीकृत कर दिया गया.

प्रियंका गांधी ने बिहार में प्रदर्शन के दौरान AK-47 के इस्तेमाल का भी जिक्र किया और पूछा, “देश के युवाओं पर पेलेट गन और AK-47 चलाने की क्या जरूरत थी? क्या वे आतंकवादी थे? पेलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया? क्या प्रधानमंत्री ने दिया? क्या गृह मंत्री ने दिया? उन्हें जवाब देना होगा. सिर्फ कांग्रेस नहीं, पूरा देश जवाब मांग रहा है.”

बाद में बिहार के सीवान जिला प्रशासन ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान AK-47 का इस्तेमाल अनधिकृत और अनुचित था. इस मामले में संबंधित कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है.

प्रियंका गांधी ने उस छात्रा का भी ज़िक्र किया, जो प्रदर्शन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज में घायल हुई थी और ICU में भर्ती थी. उन्होंने बताया कि वह छात्रा से मिलने राम मनोहर लोहिया अस्पताल गई थीं.

उन्होंने कहा, “जब हम अस्पताल पहुंचे तो छात्रा की मां ने हाथ जोड़कर कहा, ‘आप क्यों आए हैं? आने के लिए धन्यवाद, लेकिन मैं किसी से मिलना नहीं चाहती, किसी से बात नहीं करना चाहती.’ उनकी हालत देखकर मुझे शर्म महसूस हुई. उन्होंने कहा कि सुबह से कई बड़े नेता आ रहे हैं, वीडियो बना रहे हैं. जो लोग मेरी बेटी की इस हालत के जिम्मेदार हैं, वे भी यहां आए. आखिर क्यों?”

प्रियंका गांधी ने कहा कि उस मां की पीड़ा आज भी उनके मन में गूंजती है. उन्होंने कहा, “मैं उस मां की अनुमति से प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से पूछना चाहती हूं कि एक मासूम लड़की पर इतना अत्याचार करने की क्या ज़रूरत थी?”

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने रोजगार देने वाले सभी क्षेत्रों को लगातार कमजोर किया है.

प्रियंका गांधी ने कहा, “परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है. पिछले 10 साल में 152 पेपर लीक हुए. करोड़ों छात्र प्रभावित हुए, लेकिन एक भी दोषी और पेपर लीक माफिया के सदस्य को सजा नहीं मिली.”

उन्होंने आगे कहा, “सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को आरएसएस प्रचारकों से भरकर खोखला कर दिया. फिर NTA बनाकर पूरी व्यवस्था का केंद्रीकरण कर दिया. शिक्षा बजट का हिस्सा भी हर साल बढ़ने के बजाय घटता जा रहा है.”

NEET-UG पेपर लीक के खिलाफ चल रहा प्रदर्शन धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद वापस ले लिया गया.

इससे पहले मंगलवार को केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को चर्चा और पारित कराने के लिए पेश किया.


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