लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने के उद्देश्य से ‘यूथ अड्डा’ पहल शुरू की है. सरकार का कहना है कि यह मंच खास तौर पर Gen Z की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जहां युवाओं को स्टार्टअप, उद्यमिता, तकनीक और कौशल से जुड़ी सुविधाएं एक ही जगह मिलेंगी.
सरकार के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर शुरू किए गए यूथ अड्डा का उद्देश्य युवाओं को केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें बिजनेस आइडिया, मेंटरशिप, बैंकिंग सहायता, तकनीकी प्रशिक्षण, डिजिटल मार्केटिंग और बाजार तक पहुंच जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना है.
सरकार का कहना है कि यह पहल विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, पॉलीटेक्निक और आईटीआई के छात्रों को उद्यमिता की ओर प्रेरित करेगी. इसके तहत युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), ई-कॉमर्स और डिजिटल कॉमर्स जैसे क्षेत्रों में भी प्रशिक्षण दिया जाएगा.
योजना के तहत युवाओं को बिजनेस प्लान तैयार करने, प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने, बैंक ऋण लेने, जीएसटी पंजीकरण, डिजिटल ब्रांडिंग और कारोबार बढ़ाने तक हर चरण में मार्गदर्शन देने का दावा किया गया है. साथ ही, 100 से अधिक तैयार फ्रेंचाइजी मॉडल भी उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि नए उद्यमियों का जोखिम कम हो सके.
सरकार का लक्ष्य यूथ अड्डा को प्रदेश के सभी 75 जिलों तक पहुंचाना है. महिला स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण युवाओं को भी इस पहल से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है.
सरकार के अनुसार, वर्ष 2027 तक इस पहल से 5 लाख युवाओं को जोड़ने, ₹1,000 करोड़ से अधिक का ऋण उपलब्ध कराने, 10,000 नए उद्यम और फ्रेंचाइजी शुरू कराने तथा 25,000 से अधिक एमएसएमई को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है.
इस योजना के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीकॉन) अहम भूमिका निभा रहा है. यूपीकॉन के अनुसार, युवाओं को प्रशिक्षण, मेंटरशिप, बैंकिंग सहायता और उद्योग जगत से जोड़कर उन्हें सफल उद्यमी बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है.