कोलकाता, 20 मार्च (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई के प्रमुख समिक भट्टाचार्य ने शुक्रवार को कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का यह आरोप कि भाजपा राज्यभर में अशांति फैलाने के लिए बाहरी लोगों को ला रही है, विधानसभा चुनावों से पहले उनकी ‘‘हताशा’’ को दर्शाते हैं।
भट्टाचार्य ने राज्य भाजपा मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख द्वारा दिए गए तर्क के अनुसार, यह सवाल उठता है कि पुलिस कथित तौर पर हथियार और गोला-बारूद लेकर कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा करने वाले तत्वों के प्रवेश पर निगरानी रखने और सतर्क रहने में विफल क्यों रही।’’
उन्होंने कहा, ‘‘दरअसल, ममता बनर्जी एक अनुभवी नेता होने के नाते जानती हैं कि विधानसभा चुनावों के बाद उनकी पार्टी सत्ता में नहीं रहेगी। इसलिए, वह इस विमर्श को गढ़ रही है और भड़काऊ बयान दे रही है।’’
गत 17 मार्च को उम्मीदवारों की सूची जारी करते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया था कि चुनावी प्रक्रिया में भाजपा की सहायता के लिए राज्य के बाहर से कुछ अधिकारियों को लाया गया है।
बनर्जी ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था, “भाजपा की मदद के लिए राज्य के बाहर से कई लोगों को बुलाया गया है। अगर आपको अपने इलाके में ऐसे बाहरी लोग दिखें, तो जरूर सूचित करें।’’
भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि यदि तृणमूल कांग्रेस के एजेंडे के अनुरूप कोई घटना घटती है तो वह इसके लिए भाजपा और निर्वाचन आयोग को दोषी ठहराएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अतीत में भाजपा कार्यकर्ताओं और पत्रकारों पर हमला किया था।
उन्होंने कहा, ‘‘जब ममता बनर्जी इस तरह की टिप्पणियां करती हैं, तो उन्हें यह बताना चाहिए कि भाजपा कार्यकर्ताओं और पत्रकारों पर हमलों के मामलों में कितनी प्राथमिकी दर्ज की गईं और कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। शून्य।’’
भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का इरादा लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई किसी भी सरकार को गिराने का नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘हम कांग्रेस नहीं हैं। हमारे डीएनए में लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार को गिराने की क्षमता नहीं है।’’
उन्होंने कहा कि ‘युवा साथी’ योजना के तहत शिक्षित बेरोजगार युवाओं को दिया जाने वाला 1,500 रुपये का मासिक भत्ता बंगाल में रोजगार के अवसर पैदा करने में उनकी विफलता को दर्शाता है।
उन्होंने दावा किया कि ‘बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट’ के बावजूद राज्य में निवेश नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘सम्मेलन में भाग लेने वाले उद्योगपति बंगाल में निवेश नहीं कर रहे हैं, बल्कि अन्य राज्यों में जा रहे हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के नियमित निवेश के अलावा, राज्य में कोई महत्वपूर्ण निवेश नहीं है।’’
भट्टाचार्य ने कहा कि जहां एक ओर तृणमूल कांग्रेस सरकार प्रत्येक घर को 100 प्रतिशत पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराने में अन्य राज्यों से पीछे है, वहीं भाजपा 2026 तक इस लक्ष्य को पूरा कर लेगी।
पश्चिम बंगाल विधानसभा की 294 सीट के लिए मतदान दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होगा। मतगणना चार मई को होगी।
भाषा
देवेंद्र माधव
माधव
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