नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार बाबासाहेब आंबेडकर, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और अन्य महापुरुषों के सपनों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ी है.
उन्होंने देशवासियों से ‘पंच प्रण’ के संकल्प को दोहराने और राष्ट्रहित को स्वयं से ऊपर रखते हुए विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया.
मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि ‘पंच प्रण’ ने देश को आत्मगौरव की ओर बढ़ने और अपने लक्ष्यों को हासिल करने के सामर्थ्य के साथ आगे बढ़ने का बड़ा संबल दिया है.
उन्होंने कहा कि देश को गुलामी की मानसिकता हर पल मिटाते रहना होगा और उन सभी महापुरुषों के सपनों से प्रेरणा लेनी होगी, जिन्होंने भारत के भविष्य की कल्पना की थी.
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘जिस भारत का सपना नेताजी सुभाष चंद्र बोस, बाबा साहब आंबेडकर, पंडित नेहरू, सरदार पटेल, भगत सिंह, सुखदेव राजगुरु, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, भगवान बिरसा मुंडा, ज्योतिबा फुले ने देखा था, उन सब से प्रेरणा लेकर हम आगे बढ़े.’’
मोदी ने कहा कि देशवासियों को यह संकल्प दोहराना चाहिए कि राष्ट्र का हित स्वयं से ऊपर हो और कर्तव्य ही उनकी पहचान बने.
उन्होंने इस बात पर जोर दिया, ‘‘समय हमारा है, अवसर हमारा है, संकल्प हमारा है.’’
प्रधानमंत्री ने देशवासियों से सपनों को संकल्प, संकल्प को सामर्थ्य और सामर्थ्य को सफलता में बदलने का आह्वान किया.
मोदी ने कहा कि हर कदम विकास की दिशा में बढ़ना चाहिए और देशवासियों को कदम से कदम तथा मन से मन मिलाकर अपने लक्ष्य से जुड़े रहना चाहिए.
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