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Saturday, 15 August, 2026
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पाइप गैस, हाइड्रोजन ट्रेन से लेकर मेडिकल सीटों तक: PM मोदी ने बताईं 11 चीजें जो 2014 के बाद सुधरी

मोदी ने कहा कि एक समय भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की ‘Fragile Five’ अर्थव्यवस्थाओं में गिनी जाती थी, लेकिन उनकी सरकार के सत्ता में आने के बाद पिछले 12 वर्षों में भारत एक बड़ी और तेजी से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन गया है.

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नई दिल्ली: लाल किले पर 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अतीत की ओर देखा—खासकर 2014 से पहले के भारत की ओर, और पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियां गिनाते हुए बताया कि उनके कार्यकाल में देश में क्या-क्या बदलाव हुए हैं.

उन्होंने कहा, “पिछले 12 वर्षों में देशभर के करोड़ों नागरिकों—चाहे वे दलित हों, शोषित हों, वंचित हों या आदिवासी; ग्रामीण हों या शहरी; गरीब हों या मध्यम वर्ग; युवा हों या बुजुर्ग; महिलाएं हों या पुरुष; और उत्तर, दक्षिण, पूर्व या पश्चिम से हों—ने देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए लगातार संकल्प और समर्पण के साथ मेहनत की है. मैं इन प्रयासों का बहुत सम्मान करता हूं और इसी मेहनत का नतीजा है कि इतने कम समय में 25 करोड़ साथी नागरिक गरीबी से बाहर निकले हैं.”

पीएम मोदी ने बताया कि एक समय भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की ‘Fragile Five’ अर्थव्यवस्थाओं में गिनी जाती थी, लेकिन पिछले 12 वर्षों में यह एक बड़ी और तेजी से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन गई है. ‘Fragile Five’ में भारत के साथ ब्राजील, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका और तुर्की शामिल थे.

करीब एक घंटे के अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने 2014 में NDA सरकार के सत्ता में आने के बाद पिछले 12 वर्षों में भारत में हुए कई बदलावों को गिनाया.

दिप्रिंट ने प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस भाषण में बताए गए 11 उपलब्धियों को सूचीबद्ध किया है.

पहला, उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में रक्षा उत्पादन चार गुना बढ़ा है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को आकाशवाणी के जरिए सैनिकों को संबोधित करते हुए यह बात कही थी. उन्होंने कहा था कि घरेलू रक्षा उत्पादन 2014 में 46,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में रिकॉर्ड 1.78 लाख करोड़ रुपये हो गया है.

दूसरा, पीएम मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत में 2014 के बाद अलग-अलग क्षेत्रों में हुई वृद्धि को भी गिनाया.

उन्होंने कहा, “ग्रामीण और औद्योगिक क्षेत्रों में उत्पादन पांच गुना बढ़ा, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग करीब सात गुना बढ़ी, आधुनिक रेलवे कोचों का उत्पादन 21 गुना बढ़ा, मोबाइल फोन का उत्पादन 35 गुना बढ़ा, इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की संख्या चार गुना बढ़ी, दिए गए पेटेंट की संख्या चार गुना बढ़ी और डिजिटल लेनदेन 100 गुना बढ़ा.”

उन्होंने कहा, “हमने हर साल औसतन 15 गुना तेज गति से नल के पानी के कनेक्शन दिए. हर साल औसतन छह गुना तेज गति से लोगों को गैस कनेक्शन दिए, गरीबों के लिए चार गुना तेज गति से शौचालय बनाए और गरीबों को तीन गुना तेज गति से घर दिए.”

पीएम ने आगे कहा, “शासन के मामले में हमने हजारों नियमों और प्रक्रियाओं को खत्म किया और सैकड़ों पुराने कानूनों को हटाया. पिछली सदी के कानूनों के साथ 21वीं सदी में आगे नहीं बढ़ा जा सकता.”

तीसरा, मोदी ने कहा कि 2014 से पहले भारत में सिर्फ 70 शहरों में पाइप वाली गैस की सुविधा थी, जबकि अब 700 से ज्यादा शहरों में पाइप वाली गैस के कनेक्शन हैं. उन्होंने कहा, “यही गति है; यही स्तर है. 2014 से पहले मुश्किल से 20-22 लाख घरों को पाइप वाली गैस मिलती थी; आज 1.75 करोड़ घरों तक पाइप वाली गैस पहुंचाने का काम चल रहा है.”

चौथा, उन्होंने कहा कि 12 साल पहले देश में सौर ऊर्जा की क्षमता सिर्फ 2 गीगावाट थी. “आज हमने 160 गीगावाट हासिल कर लिया है. हमने अपनी ऊर्जा इस बात पर भी लगाई कि इसका फायदा देश के मध्यम वर्ग तक पहुंचे. हमने ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ शुरू की और आज मुझे खुशी है कि इतने कम समय में सौर ऊर्जा से चलने वाले 50 लाख घरों का लक्ष्य पार कर लिया गया है.”

पांचवां, उन्होंने रेलवे के विद्युतीकरण की बात की, जो उनके मुताबिक 1925 में शुरू हुआ था. “लेकिन उसके बाद 90 वर्षों में सिर्फ 30 प्रतिशत विद्युतीकरण हुआ. 90 साल में सिर्फ 30 प्रतिशत. अब हमारी गति देखिए. लक्ष्य हासिल करने की हमारी रफ्तार देखिए. एक दशक के अंदर हमने रेलवे के विद्युतीकरण का काम पूरा कर लिया है… इससे ईंधन के आयात में कमी आई और पर्यावरण को भी फायदा हुआ. हम यहीं नहीं रुके…हमने ईंधन के मामले में एक नई सीमा को छुआ और एक नई हाइड्रोजन ट्रेन चलाई. यह सबसे लंबी और सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन है.”

छठा, मोदी ने कहा कि 2014 से भारत 40 देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर काम कर रहा है.

उन्होंने कहा, “ये व्यापार समझौते एक बड़ा अवसर हैं. मैं हमारे MSMEs (माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज) से कहना चाहता हूं, कृपया इस अवसर को हाथ से न जाने दें, भारतीय उत्पाद दुनिया के बाजारों तक पहुंचने चाहिए… हमें वैश्विक मानकों को पूरा करना होगा, दुनिया में जो उपलब्ध है उसमें सुधार करना होगा. पंजाब के लुधियाना से लेकर तमिलनाडु के तिरुपुर तक हमारा टेक्सटाइल सेक्टर दुनिया तक पहुंच सकता है. केरलम से गुजरात और तमिलनाडु से बंगाल तक, हमारे तट और हमारे मछुआरे भाई-बहनों के लिए इन FTA के कारण झींगा निर्यात के अवसर बढ़े हैं. हमारे सीफूड निर्यात के अवसर बढ़े हैं.”

सातवां, उन्होंने पिछले 12 वर्षों में युवाओं के लिए उठाए गए कदमों को गिनाया. “पिछले 10-12 वर्षों में स्टार्टअप इंडिया अभियान के तहत देश में 2.5 लाख से ज्यादा रजिस्टर्ड स्टार्टअप हैं. वे काम कर रहे हैं और कई लोगों को रोजगार दे रहे हैं. भारत सरकार ने 1 लाख करोड़ रुपये के इनोवेशन फंड की घोषणा की है… हम संसाधनों की कमी नहीं होने देंगे.”

उन्होंने आगे कहा, “स्किल इंडिया एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है. हमने स्पेस सेक्टर खोला. हमने राष्ट्रीय ड्रोन नीति और ‘खेलो इंडिया’ नीति बनाई. 35 साल तक कोई शिक्षा नीति नहीं थी, इसलिए हम नई शिक्षा नीति लेकर आए. इससे मध्यम वर्ग के परिवारों को फायदा हुआ है.”

आठवां, उन्होंने कहा कि 2004 से 2024 के बीच भारत में 350 से कम विश्वविद्यालय थे. “10-12 वर्षों के अंदर 650 नए विश्वविद्यालय बने हैं और इनकी संख्या 1,000 तक पहुंच गई है. 2014 से पहले मेडिकल की सिर्फ 400 सीटें हुआ करती थीं. आज करीब 850 मेडिकल सीटें हैं. विदेशी विश्वविद्यालय भी यहां आ रहे हैं… बच्चों को टेक्नोलॉजी और इनोवेशन की ओर ले जाने के लिए 10,000 से ज्यादा अटल टिंकरिंग लैब बनाई गई हैं. हमारे युवाओं, जिनकी औसत उम्र 28 साल है, ने अपना खुद का सैटेलाइट लॉन्च किया. यह एक बड़ी उपलब्धि है… हमने AI इम्पैक्ट समिट आयोजित किया. इसका असर तेजी से फैल रहा है.”

नौवां, उन्होंने कहा कि 2014 से पहले 25 करोड़ से कम लोगों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलता था. आयुष्मान भारत योजना के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “एक दशक के अंदर हमने करीब 100 करोड़ लोगों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ दिया है.”

दसवां, उन्होंने भारत की बायोइकोनॉमी की बात की. उन्होंने कहा कि 2014 से पहले भारत में 60,000 करोड़ रुपये का बायोइकोनॉमी का काम होता था, लेकिन अब यह बढ़कर 20 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है.

ग्यारहवां, उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की बात की. उन्होंने कहा कि 2009-10 में सिर्फ 1.5 लाख EVs की बिक्री हुई थी, जबकि 2025-26 में 25 लाख इलेक्ट्रिक वाहन बेचे गए हैं.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

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