नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल पुलिस ने बीरभूम में पत्थर की खदान के एक कारोबारी से जुड़े ठिकानों पर तलाशी के दौरान कम से कम 28.5 करोड़ रुपये नकद और 15 किलो सोना बरामद किया है. यह कारोबारी इलाके के पूर्व तृणमूल नेता अनुव्रत मंडल का करीबी बताया जाता है. दिप्रिंट को यह जानकारी मिली है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि बीरभूम में रेत खनन के एक मामले की जांच के तहत मोहम्मद नजीबुद्दीन उर्फ टुल्लू मंडल और उसके रिश्तेदार मिनार मंडल के ठिकानों पर तलाशी ली गई.
बुधवार दोपहर तक अधिकारी ने बताया था कि मंडल से जुड़े ठिकानों से 5.5 करोड़ रुपये बरामद किए गए हैं. टुल्लू मंडल इलाके में अनुव्रत मंडल की करीबी के लिए जाना जाता है. अनुव्रत मंडल ममता बनर्जी के करीबी सहयोगी और बीरभूम में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के जिला अध्यक्ष थे.
अनुव्रत को 2022 में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपने-अपने स्तर पर चल रही बड़े पैमाने पर मवेशी तस्करी के मामले की जांच के तहत गिरफ्तार किया था. देर शाम तक बीरभूम के पुलिस अधीक्षक विदित राज भुंडेश ने बताया कि बरामद नकदी बढ़कर 28.5 करोड़ रुपये हो गई है और गिनती अभी जारी है.
जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद अनुव्रत पहले जैसे प्रभावशाली नहीं रहे हैं. इसके बाद वह रीताब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC के बागी गुट में शामिल हो गए, जिसने उन्हें फिर से बीरभूम जिले में पार्टी अध्यक्ष बना दिया.
अधिकारी ने एक्स पर लिखा, “भ्रष्टाचार के खिलाफ पश्चिम बंगाल सरकार की चल रही कार्रवाई ‘भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति’ को अपना मार्गदर्शक सिद्धांत मानकर जारी रहेगी. यह बिल्कुल साफ हो कि सार्वजनिक संसाधनों का इस्तेमाल करके और उस समय की सत्तारूढ़ राजनीतिक पार्टी के साथ मिलकर संपत्ति जमा करने वाले किसी भी पुराने रिकॉर्ड वाले व्यक्ति को नहीं बख्शा जाएगा.”
अधिकारी ने टुल्लू मंडल और उसके साथियों के खिलाफ हुई छापेमारी को माफिया गिरोहों के खिलाफ अपनी सरकार की कार्रवाई का उदाहरण बताया.
राज्य पुलिस के सूत्रों ने बताया कि नकदी गिनने वाली मशीनें अभी भी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और बरामदगी की कुल रकम मौजूदा आंकड़े से काफी ज्यादा होने की संभावना है. पश्चिम बंगाल पुलिस के एक अधिकारी ने दिप्रिंट को बताया, “नकदी और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की गिनती और जांच अभी भी जारी है. अंतिम नतीजे के आधार पर विस्तृत जानकारी जारी की जाएगी.”
एसपी भुंडेश ने बुधवार देर रात एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा, “बीरभूम जिला पुलिस को जानकारी मिली थी—यह जानकारी काफी हद तक सही लग रही थी—कि मोहम्मद बाजार थाना क्षेत्र के मोहम्मद नजीबुद्दीन उर्फ टुल्लू मंडल के नेतृत्व वाले एक संगठित गिरोह की बड़ी मात्रा में अवैध तरीके से जमा की गई नकदी और सोना उसी इलाके के एक घर में छिपाकर रखा गया था. पुलिस की एक टीम ने इस जानकारी पर काम किया और सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद तलाशी और जब्ती की कार्रवाई की. मिनार मंडल के एक घर से पुलिस ने अब तक 28.5 करोड़ रुपये नकद और अलग-अलग आकार और तरह की 15 किलो सोने की छड़ें बरामद की हैं.”
मंडल का मामला
टुल्लू मंडल का नाम सबसे पहले 2022 में CBI और ED की अनुब्रत मंडल की जांच में सामने आया था. अगस्त 2022 में CBI ने बीरभूम में अनुब्रत मंडल के “मददगारों” की पहचान करने के लिए दर्जनों जगहों पर छापेमारी की थी, जिनमें उनके ठिकाने भी शामिल थे.
जैसे ही ED ने गैर-कानूनी फंड के फ्लो की पहचान करने के लिए अपनी मनी-लॉन्ड्रिंग जांच शुरू की, एजेंसी ने मवेशी तस्करी के एक मामले में टुल्लू मंडल से अपने नई दिल्ली हेडक्वार्टर में छह घंटे से ज़्यादा समय तक पूछताछ की.
ED की पूछताछ के बाद जैसे ही टुल्लू मंडल कोलकाता लौटे, उन्हें नवंबर 2022 में बीरभूम जिला पुलिस ने मारपीट और क्रिमिनल इंटिमिडेशन के एक मामले की जांच के तहत हिरासत में ले लिया.
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, टुल्लू पर उस साल 3 अक्टूबर को मोहम्मद बाज़ार इलाके में हुई झड़प के लिए केस दर्ज किया गया था, जिसमें एक व्यक्ति घायल हो गया था. घायल व्यक्ति की बाद में मौत हो गई, इसलिए केस में मर्डर की धारा जोड़ दी गई और टुल्लू को कोलकाता से पकड़ लिया गया. विपक्ष ने आरोप लगाया कि लोकल पुलिस ने उसे सेंट्रल एजेंसियों की पूछताछ से बचाने के लिए गिरफ्तार किया था.
हालांकि, बीरभूम डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने उस पर कभी केस नहीं चलाया और वह जेल से बाहर आ गया. अभी लोकल कोर्ट में ट्रायल चल रहा है.
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