नई दिल्ली: प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड में हुए भूस्खलन में दो लोगों की मौत पर गहरा दुख जताया. उन्होंने यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद करने की अपील की.
केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने घटना में दो लोगों की मौत की पुष्टि की. उन्होंने बताया कि भूस्खलन में घायल हुए वायनाड टनल निर्माण स्थल के मजदूरों के इलाज के लिए अस्पतालों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं.
प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि बचाव अभियान जारी है और मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन स्वयं राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं.
All efforts are on to rescue those still trapped in the landslide. Respected CM, Shri. V D Satheesan is monitoring relief efforts himself, the police and NDRF have been at the site for some time, SDRF teams and civil defence volunteers have also reached.
We are all coordinating…
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) July 7, 2026
उन्होंने लिखा, “भूस्खलन में फंसे लोगों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं. पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर मौजूद हैं. हम जिला प्रशासन, मंत्री टी. सिद्दीक और ए.पी. अनिल कुमार, स्थानीय पार्टी पदाधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए हैं.”
प्रियंका गांधी ने कहा, “जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं. इस कठिन समय में हम उनके साथ खड़े हैं और हर संभव मदद करेंगे. जो लोग अभी भी लापता हैं, उनके सुरक्षित मिलने की हम प्रार्थना करते हैं. उनके परिवारों को भी इस कठिन समय में हिम्मत मिले.”
उन्होंने यूडीएफ कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और आम लोगों से प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए राहत और बचाव कार्यों में सहयोग करने की अपील की. उन्होंने कहा कि ऐसे समय में यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि राहत और बचाव अभियान में किसी तरह की बाधा न आए.
यह भूस्खलन वायनाड टनल निर्माण स्थल के पास हुआ, जिससे निर्माणाधीन ढांचा भी ढह गया.
मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने आरोप लगाया कि ठेकेदारों ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बार-बार चेतावनी के बावजूद खुदाई से निकली मिट्टी नहीं हटाई.
वहीं केरल के मंत्री टी. सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि वायनाड के कल्लाडी में हुआ भूस्खलन “मानव निर्मित आपदा” है. उनका कहना था कि अधिकारियों ने पहले हीकोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड को संभावित खतरे की चेतावनी दी थी, लेकिन कोई रोकथाम के कदम नहीं उठाए गए.
भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र से अब तक आठ लोगों को सुरक्षित निकालकर मेप्पाडी WIMS अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है.