नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने शुक्रवार को बताया कि उसने प्रमुख डेयरी ब्रांड अमूल को तलब किया है और पटना-टाटानगर वंदे भारत एक्सप्रेस में एक यात्री को परोसे गए उसके पैकेटबंद दही में कथित तौर पर कीड़े मिलने के बाद उससे जवाब मांगा है।
निगम की यह कार्रवाई रेल मंत्रालय की उस फटकार के बाद आई है, जिसमें न केवल भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) और सेवा प्रदाता, कृष्णा एंटरप्राइजेस पर भारी जुर्माना लगाया गया, बल्कि उसके (सेवा प्रदाता) अनुबंध को समाप्त करने का निर्देश भी दिया गया।
निगम ने एक बयान में कहा, ‘‘पटना-टाटा वंदे भारत ट्रेन में परोसे जाने वाले अमूल दही की गुणवत्ता के बारे में मिली शिकायतों को बहुत गंभीरता से लिया गया है।’’
इसमें कहा गया है कि इसने न केवल लाइसेंसधारी और अमूल पर भारी जुर्माना लगाया है, बल्कि अनुबंध को समाप्त करने और लाइसेंसधारक को ‘ब्लैकलिस्ट’ करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
बयान में कहा गया है, ‘‘इसके अतिरिक्त, अमूल को 27 मार्च को उसके दही की गुणवत्ता से संबंधित गंभीर चिंताओं के बारे में स्पष्टीकरण देने के लिए तलब किया गया है।’’
संपर्क करने पर आईआरसीटीसी ने अमूल द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण का खुलासा करने से इनकार कर दिया। अमूल की ओर से भी तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
पंद्रह मार्च को, वंदे भारत ट्रेन में सवार सात यात्रियों को रात के भोजन साथ एक जाने-माने ब्रांड का पैकेटबंद दही परोसा गया। पैकेट खोलने पर यात्रियों को उसमें जीवित कीड़े नजर आए। यात्री रितेश सिंह ने तुरंत अपने ‘एक्स’ हैंडल पर आईआरसीटीसी, रेल मंत्री और अन्य को टैग करते हुए इस मुद्दे को उठाया।
यात्री को जवाब देते हुए, अमूल ने ‘एक्स’ पर अपने आधिकारिक अकाउंट से लिखा, ‘‘हमें आपके अनुभव के बारे में जानकर चिंता हुई। कृपया हमें अपना संपर्क नंबर, आवासीय पता और बैच नंबर भेजे, ताकि हम इसकी आगे जांच कर सकें।’’
मामले की जांच के बाद, आईआरसीटीसी ने खाद्य पदार्थों के प्रबंधन में लापरवाही बरतने के लिए विक्रेता कृष्णा एंटरप्राइजेज पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया। कंपनी को उचित ‘कोल्ड चेन’ बनाए रखने, अधिक सतर्क रहने और खाद्य सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने के निर्देश भी दिए गए।
आईआरसीटीसी की कार्रवाई से असंतुष्ट होकर, रेल मंत्रालय ने बुधवार को उसे कृष्णा एंटरप्राइजेज का अनुबंध समाप्त करने और जुर्माने की राशि 25,000 रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये करने का निर्देश दिया।
रेल मंत्रालय ने आईआरसीटीसी पर भी 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा, ‘‘सेवाओं में आई खामियों की गंभीरता को देखते हुए, सक्षम प्राधिकार ने आईआरसीटीसी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, आईआरसीटीसी को निर्देश दिया जाता है कि वह भविष्य में ऐसी किसी घटना को रोकने के लिए ट्रेन में सेवाओं की कड़ी निगरानी सुनिश्चित करे।’’
इसमें कहा गया है, ‘‘सभी संबंधित आईआरसीटीसी पर्यवेक्षकों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जाना चाहिए कि भोजन की गुणवत्ता, खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता हो।’’
रेल मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि आईआरसीटीसी ने एक बेहद संवेदनशील स्थिति में नरमी बरती, जिसके कारण उन्हें हस्तक्षेप करना पड़ा।
भाषा
देवेंद्र दिलीप
दिलीप
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