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Sunday, 26 April, 2026
होमदेशबंधुआ मजदूरी के लिए मजबूर किये गये उत्तराखंड के व्यक्ति को तीन साल बाद पंजाब से छुड़ाया गया

बंधुआ मजदूरी के लिए मजबूर किये गये उत्तराखंड के व्यक्ति को तीन साल बाद पंजाब से छुड़ाया गया

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अमृतसर, 26 जून (भाषा) तरनतारन जिले के एक गांव में गौशाला में कथित तौर पर बंधुआ मजदूर के तौर पर काम कर रहे उत्तराखंड के 35 वर्षीय व्यक्ति को पुलिस ने छुड़ाकर उसके परिवार से मिलवाया। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को इसकी जानकारी दी।

एक सरकारी बयान में कहा गया कि उत्तराखंड के चमोली जिले के रमेश कुमार को पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया के हस्तक्षेप के बाद छुड़ाया गया।

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद गढ़वाल के सांसद अनिल बलूनी ने राज्यपाल कटारिया से संपर्क किया। इसके बाद कटारिया ने पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव को त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

बयान में कहा गया कि डीजीपी ने तुरंत तरनतारन जिला पुलिस को सक्रिय किया जिसने कुछ ही घंटों में कुमार को ढूंढ निकाला और उसे दिनेवाल गांव से गौशाला संचालक के यहां से मुक्त कराया।

एसएसपी तरनतारन, दीपक पारीक ने बताया कि कुमार को पिछले तीन वर्षों से उसकी इच्छा के विरुद्ध गौशाला में काम करने के लिए मजबूर किया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि मुक्त कराने के बाद इस मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

कुमार को उसके परिवार को सौंप दिया गया। उसके परिजन बुधवार को तरनतारन पहुंच गए थे।

एसएसपी ने कहा कि इस मामले में आरोपी तीन व्यक्तियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

भाषा रंजन पवनेश

पवनेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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