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Sunday, 11 October, 2026
होमदेशकैंची धाम में जाम से निपटने के लिए पांच-सूत्री योजना पर काम कर रही उत्तराखंड सरकार

कैंची धाम में जाम से निपटने के लिए पांच-सूत्री योजना पर काम कर रही उत्तराखंड सरकार

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देहरादून, 11 अक्टूबर (भाषा) उत्तराखंड सरकार कैंची धाम जाने वाली सड़कों पर यातायात की भीड़ कम करने के लिए पांच-सूत्री योजना पर काम कर रही है। इसके तहत वैकल्पिक मार्ग विकसित करने, मंदिर को दो घंटे पहले खोलने और प्रवेश तथा निकास के लिए अलग-अलग रास्ते बनाने की योजना है।

इस योजना में भीमताल-नैनीताल तिराहे पर ‘वैली ब्रिज’ बनाने और भवाली से कैंची धाम तक सड़क चौड़ी करने का प्रस्ताव भी शामिल है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने शनिवार को काठगोदाम सर्किट हाउस में पुलिस, क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ), राष्ट्रीय राजमार्ग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर कैंची धाम तथा अन्य मार्गों पर यातायात जाम की समस्या पर चर्चा की।

पिछले सप्ताह कैंची धाम में लगे जाम पर नाराजगी जताते हुए टम्टा ने अधिकारियों को ऐसी स्थिति दोबारा पैदा नहीं होने देने के निर्देश दिए। उन्होंने मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के वास्ते बेहतर यातायात प्रबंधन पर बल दिया और अधिकारियों से मंदिर प्रशासन के साथ समन्वय करने को कहा।

उन्होंने कहा कि जाम के कारण अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और अन्य पर्वतीय स्थलों की ओर जाने वाले यात्रियों को भी परेशानी होती है। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को वैकल्पिक मार्गों के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।

टम्टा ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को पर्वतीय स्थलों की ओर जाने वाले वाहनों को ज्योलीकोट के रास्ते भेजने के निर्देश दिए, ताकि यातायात का दबाव कम किया जा सके।

उन्होंने अधिकारियों को निगलाट के पास वन विभाग की नर्सरी की खाली जमीन पर पार्किंग बनाने का प्रस्ताव तैयार करने और वन विभाग के साथ संयुक्त सर्वेक्षण करने को भी कहा।

उन्होंने कहा कि क्वारब-तल्ला रामगढ़ सड़क को चौड़ा करने और कैंची धाम से हड़तप्पा के बीच वैकल्पिक मार्ग विकसित करने के प्रस्ताव भी तैयार किए जाएंगे।

बैठक में एसएसपी ने रानीबाग में भीमताल-नैनीताल तिराहे पर लगने वाले जाम का मुद्दा उठाया। अधिकारियों ने कहा कि तिराहे पर वैली ब्रिज बनाने से नैनीताल आने-जाने वाले वाहनों के कारण लगने वाले जाम को कम करने में मदद मिल सकती है।

टम्टा ने राष्ट्रीय राजमार्ग और वन विभाग के अधिकारियों को संयुक्त सर्वेक्षण कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुलाबघाटी को चौड़ा करने के प्रस्ताव को जल्द मंजूरी दी जाएगी, जिसके बाद काम शुरू होगा।

केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को कैंची धाम मंदिर को मौजूदा सुबह छह बजे के बजाय सुबह चार बजे खोलने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि फिलहाल श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकास के लिए एक ही रास्ता होने के कारण भीड़ बढ़ जाती है।

उन्होंने मंदिर प्रशासन के साथ समन्वय कर प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग रास्ते बनाने को कहा। निकास मार्ग को पार्किंग स्थल की ओर ले जाने की योजना है, ताकि मंदिर के बाहर सड़क पर जाम न लगे।

टम्टा ने भवाली-कैंची धाम सड़क को चौड़ा करने का प्रस्ताव तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए और अधिकारियों से इसके लिए वन विभाग के साथ समन्वय कर सर्वेक्षण कराने को कहा।

उन्होंने बताया कि गौला पार-लालकुआं बाईपास के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इस परियोजना को डेढ़ साल के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।

भाषा रवि कांत सुरेश

सुरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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