कोलकाता, 26 जून (भाषा) पूर्व विदेश सचिव और जी-20 के मुख्य समन्वयक हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की यात्रा को लेकर अमेरिकी सरकार से यह संदेश मिलता है कि वह संबंधों को ‘‘अत्यधिक महत्व’’ देती है।
अमेरिका में भारत के पूर्व राजदूत श्रृंगला ने रविवार रात ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि अत्याधुनिक उपकरणों के विकास, संयुक्त अनुसंधान और संयुक्त विनिर्माण के साथ भारत के तकनीकी सहयोगी बनने से दोनों देशों के रणनीतिक संबंध और गहरे हुए हैं।
श्रृंगला ने कहा, ‘‘अमेरिकी सरकार की ओर से आपको (मोदी की वाशिंगटन यात्रा पर) जो संदेश मिलता है, वह यह है कि वे संबंधों को अत्यधिक महत्व देते हैं।’’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की अमेरिका की यह यात्रा आठ दौरों में से ‘‘स्पष्ट रूप से सबसे महत्वपूर्ण’’ थी।
श्रृंगला जनवरी 2019-जनवरी 2020 के बीच वाशिंगटन में भारतीय राजदूत थे। इसके बाद वह विदेश सचिव नियुक्त किए गए। अमेरिका में भारतीय राजदूत के तौर पर उनके कार्यकाल के दौरान टेक्सास के ह्यूस्टन में ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम हुआ था।
प्रधानमंत्री की हालिया अमेरिका यात्रा के दौरान संयुक्त रूप से एफ414 इंजन बनाने के लिए जीई-हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स समझौते सहित कई रक्षा प्रौद्योगिकी समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘रणनीतिक स्तर पर, हम अपने रक्षा उद्योगों में अत्याधुनिक उपकरण बनाने के लिए संयुक्त निर्माण और संयुक्त अनुसंधान एवं विकास के साथ सहयोग के स्तर पर चले गए हैं।’’
प्रधानमंत्री मोदी ने 21-23 जून तक अमेरिका का दौरा किया, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। अपनी इस यात्रा के दौरान, उन्होंने राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ द्विपक्षीय बैठक की, कारोबारी नेताओं के साथ चर्चा की, अमेरिकी कांग्रेस की संयुक्त बैठक को संबोधित किया तथा बाइडन और प्रथम महिला जिल बाइडन द्वारा आयोजित राजकीय रात्रिभोज में शामिल हुए।
पूर्व विदेश सचिव ने यह भी कहा कि प्रौद्योगिकी – ‘क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज’ (आईसीईटी) में सहयोग पर पहल भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है जो ऐसे समय में हुई है जब प्रौद्योगिकी ‘‘बहुत तेज गति’’ से बदल रही है।
श्रृंगला ने यह भी रेखांकित किया कि कैसे एक संसाधन संपन्न राष्ट्र और महत्वपूर्ण मानव संसाधनों वाले राष्ट्र का एक साथ जुड़ना तकनीकी सहयोग से पैदा होने वाले उत्पादों में एक लचीली आपूर्ति श्रृंखला प्रदान कर सकता है।
उन्होंने कहा कि तीसरी बड़ी उपलब्धि व्यापार और निवेश के क्षेत्र में है, जिसमें टेस्ला, अमेजन, गूगल और माइक्रोन जैसी प्रमुख कंपनियों ने भारत में अरबों डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई।
श्रृंगला ने कहा, ‘‘…आप न केवल ऐसी कंपनियां ला रहे हैं जो भारत में निवेश करेंगी बल्कि उच्च प्रौद्योगिकी वाले उद्योगों में भी निवेश करेंगी, जहां आर्थिक क्षेत्र में बहुत अंतर आएगा।’’
भाषा आशीष अविनाश
अविनाश
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