लखनऊ, एक अक्टूबर (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश पुलिस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ‘कार्यकर्ता’ की तरह काम कर रही है।
उन्होंने यह टिप्पणी उच्चतम न्यायालय द्वारा हाल में राज्य पुलिस की कार्यप्रणाली पर की गई कड़ी टिप्पणियों के संदर्भ में की।
अखिलेश ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय बार-बार कह चुके हैं कि पुलिस पर भरोसा नहीं किया जा सकता। हम भी यही कहते रहे हैं कि पुलिस भाजपा कार्यकर्ता की तरह काम कर रही है।’’
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सरकार बदलने के बाद ही यह समस्या खत्म होगी। उन्होंने कहा कि जब भाजपा को हटाया जाएगा, तब संकट भी दूर हो जाएगा।
अखिलेश ने गौतम बुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम से जुड़े मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत एक युवती के खिलाफ की गई कार्रवाई से संबंधित मामले में उच्च न्यायालय द्वारा पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाए जाने के आदेश को जिलाधिकारी ने उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है।
सपा प्रमुख ने कहा, ‘‘सोचिए, पांच लाख रुपये बचाने के लिए वकीलों को रखने में 10 लाख रुपये से ज्यादा खर्च किए जा रहे हैं।’’
राज्य पुलिस को लेकर अखिलेश की यह टिप्पणी उच्चतम न्यायालय द्वारा बुधवार को बुलंदशहर के एक छेड़छाड़ मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस की जांच के तरीके पर नाराजगी जताए जाने के एक दिन बाद आई है।
न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा की पीठ ने सवाल किया था कि जब आरोपी को कथित तौर पर मौके पर ही पकड़ लिया गया था, तो प्राथमिकी में मोटरसाइकिल सवार को ‘अज्ञात’ क्यों बताया गया।
पीठ ने संबंधित मामले में प्राथमिकी दर्ज करने और जांच के तरीके पर भी सवाल उठाए थे।
भाषा
किशोर, सलीम रवि कांत
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