लखनऊ, 26 अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उत्तर प्रदेश के मेरठ से प्रयागराज के बीच बनाए गए गंगा एक्सप्रेसवे को 29 अप्रैल को हरदोई में आयोजित कार्यक्रम के दौरान देशवासियों को समर्पित करेंगे।
राज्य सरकार द्वारा जारी बयान के अनुसार, इस परियोजना को एक्सप्रेसवे सह औद्योगिक गलियारा मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है।
बयान में कहा गया कि सरकार ने उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे को औद्योगिक विकास से जोड़ते हुए गंगा एक्सप्रेसवे को एक ऐसे एकीकृत औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया है, जहां विनिर्माण, भंडारण और परिवहन की सुविधाएं एक साथ उपलब्ध हों।
अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की योजना के तहत 594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के किनारे 12 औद्योगिक केंद्र विकसित किए जा रहे हैं, जिनके लिए 6,507 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है।
उन्होंने बताया कि अब तक 987 निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिनके माध्यम से लगभग 47,000 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। यह योजना 12 जिलों में औद्योगिक विकास का नया नेटवर्क स्थापित करेगी।
अधिकारियों के अनुसार, एक्सप्रेसवे के किनारे 12 जिलों में 12 औद्योगिक केंद्र विकसित किए जा रहे हैं। प्रत्येक केंद्र को उसकी भौगोलिक स्थिति और औद्योगिक संभावनाओं के अनुसार इस तरह तैयार किया जा रहा है, ताकि उत्पादन, भंडारण और परिवहन से जुड़े सभी कार्य एक ही स्थान पर आसानी से हो सकें।
मेरठ से प्रयागराज तक इन सभी केंद्रों का स्थान और क्षेत्र निर्धारित कर लिया गया है। इनकी रणनीतिक योजना पूरे एक्सप्रेसवे को एक आर्थिक रूप से उन्नत क्षेत्र ( इकोनॉमिक ग्रोथ बेल्ट) में बदलने में सहायक होगी।
अधिकारियों के अनुसार, यह गलियारा 12 जिलों को सीधे जोड़ेगा, जिससे क्षेत्रीय असमानता कम होगी। खासकर हरदोई, उन्नाव, रायबरेली और प्रतापगढ़ जैसे जिलों में औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।
भाषा सलीम धीरज
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