नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) केंद्रीय बजट 2023-24 में ग्रामीण विकास मंत्रालय को 1,57,545 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जोकि चालू वित्त वर्ष में मंत्रालय द्वारा किए गए अनुमानित व्यय से लगभग 13 प्रतिशत कम है।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना (मनरेगा) के लिए आवंटन में भी लगभग एक-तिहाई की कटौती की गई है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बुधवार को पेश किए गए केंद्रीय बजट के अनुसार, शुरुआत में 2022-23 के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय को 1,35,944.29 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे।
हालांकि, संशोधित अनुमानों के अनुसार, जो संभावित व्यय की मध्य-वर्ष की समीक्षा है, यह बढ़कर 1,81,121 करोड़ रुपये हो गया है।
वर्ष 2021-22 में ग्रामीण विकास मंत्रालय का वास्तविक व्यय 1,60,433.4 करोड़ रुपये था।
मनरेगा को 2023-24 के लिए 60,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पिछले वित्त वर्ष के संशोधित अनुमान से लगभग 32 प्रतिशत कम है।
वित्त वर्ष 2022-23 में सरकार ने बजट में मनरेगा के लिए 73,000 करोड़ रुपये आवंटित किए थे, जबकि संशोधित अनुमान के मुताबिक खर्च 89,400 करोड़ रुपये था।
भाषा रवि कांत नेत्रपाल
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