नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) के रूप में दो साल पूरे होने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी राहुल गांधी ने कहा कि वह हर भारतीय की आवाज को सत्ता के गलियारों तक पहुंचाने के लिए लगातार काम करते रहेंगे. उन्होंने नीट एस्पिरेंट्स, संविधान की रक्षा और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अपनी लड़ाई जारी रखने का संकल्प भी दोहराया.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद बीते दो वर्षों का हर दिन देश के आम नागरिकों की आवाज संसद तक पहुंचाने के लिए समर्पित रहा है.
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में आज दो साल पूरे हुए।
इन दो सालों का हर दिन एक ही काम रहा – हर भारतीय की आवाज़ को सत्ता तक पहुँचाना।
NEET के छात्रों की लड़ाई हो, वोट चोरी का पर्दाफाश हो या संविधान की रक्षा, हर मोर्चे पर आपके साथ खड़ा रहा, आज भी हूं, हमेशा रहूंगा।
सड़क से… pic.twitter.com/mNUWSu3fUG
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 26, 2026
उन्होंने लिखा, “आज लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष बने हुए दो साल पूरे हो गए हैं. इन दो वर्षों का हर दिन एक ही काम के लिए समर्पित रहा है—हर भारतीय की आवाज को सत्ता के गलियारों तक पहुंचाना.”
राहुल गांधी ने कहा कि चाहे नीट एस्पिरेंट्स लड़ाई हो, चुनावी गड़बड़ियों को उजागर करना हो या संविधान की रक्षा का मुद्दा, वह हर मोर्चे पर जनता के साथ खड़े रहे हैं और आगे भी खड़े रहेंगे.
उन्होंने कहा, “सड़कों से लेकर संसद तक, जनता का भरोसा मेरी सबसे बड़ी ताकत है. सफर लंबा है, लेकिन मेरा संकल्प वही है. मैं आपके लिए हर लड़ाई लड़ता रहूंगा.”
गौरतलब है कि राहुल गांधी ने जून 2024 में आम चुनावों के बाद नेता प्रतिपक्ष का पद संभाला था. इसके साथ ही एक दशक बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद भरा गया था. 16वीं और 17वीं लोकसभा के दौरान यह पद खाली रहा था.
संसदीय नियमों के अनुसार, किसी दल को नेता प्रतिपक्ष का पद पाने के लिए लोकसभा की कुल सदस्य संख्या का कम से कम 10 प्रतिशत यानी 55 सीटें जीतना आवश्यक होता है. कांग्रेस ने 2024 के आम चुनाव में 99 सीटें जीतकर यह पात्रता हासिल की थी.
यह राहुल गांधी का राजनीति में आने के बाद पहला संवैधानिक पद है. इससे पहले गांधी परिवार से सोनिया गांधी और राजीव गांधी भी लोकसभा में विपक्ष के नेता की भूमिका निभा चुके हैं.