भोपाल: 12 मई को नोएडा निवासी रेखा शर्मा अपनी 33 साल की बेटी ट्विशा से फोन पर बात कर रही थीं, तभी उन्होंने अपने दामाद समर्थ सिंह की जोर से चिल्लाने की आवाज़ सुनी. इसके तुरंत बाद फोन कट गया. करीब 15 मिनट बाद रेखा शर्मा को सूचना मिली कि उनकी बेटी “अब ज़िंदा नहीं रही.”
ट्विशा शर्मा, जो मिस पुणे ब्यूटी पेजेंट की विजेता और मार्केटिंग प्रोफेशनल थीं, उनकी 12 मई की रात कथित तौर पर आत्महत्या के बाद मौत हो गई. उस समय वह भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में अपने ससुराल में रह रही थीं. दिप्रिंट को मिली एफआईआर की कॉपी के मुताबिक, भोपाल स्थित ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) के एक डॉक्टर ने पुलिस को इसकी जानकारी दी थी.
पुलिस ने 15 मई को एफआईआर दर्ज की और ट्विशा के पति समर्थ सिंह, जो पेशे से क्रिमिनल वकील हैं और उनकी सास, पूर्व जज गिरिबाला सिंह, के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 80(2) (दहेज मृत्यु), 85 (ससुराल वालों द्वारा महिला के साथ क्रूरता), 3(5) (सामूहिक मंशा) और दहेज निषेध अधिनियम, 1961 की धारा 3 और 4 के तहत मामला दर्ज किया.
इसके बाद मध्य प्रदेश पुलिस ने गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया, लेकिन बाद में भोपाल की जिला और सत्र अदालत ने उन्हें ज़मानत दे दी. वहीं समर्थ सिंह अब भी फरार हैं. सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) रजनीश कश्यप ने दिप्रिंट को बताया कि समर्थ सिंह की जानकारी देने वाले को 10,000 रुपये का इनाम दिया जाएगा और पुलिस ने उनका पासपोर्ट निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
भोपाल कोर्ट के एक कॉरिडोर में दिप्रिंट से बात करते हुए ट्विशा की दुखी मां ने कहा कि उन्हें मध्य प्रदेश की न्याय व्यवस्था और पुलिस पर भरोसा नहीं है. रेखा शर्मा ने कहा, “सिंह परिवार बहुत ताकतवर है. पहले उन्होंने मेरी बेटी को मार दिया और अब एक को जमानत मिल गई है, जबकि दूसरे को अभी तक गिरफ्तार भी नहीं किया गया. मुझे यहां इंसाफ की कोई उम्मीद नहीं दिखती.”
ट्विशा के साथ हुई बातचीत को याद करते हुए उन्होंने दिप्रिंट को बताया कि उनकी बेटी मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना की शिकायत करती थी. शर्मा ने कहा, “वह हमें लगातार बताती थी कि उसका पति और सास उसके साथ मानसिक और शारीरिक अत्याचार कर रहे हैं.”
रोते हुए उन्होंने आगे कहा कि जब ट्विशा ने अपनी प्रेग्नेंसी के बारे में बताया था, तब समर्थ ने बच्चे को अपना मानने से भी इनकार कर दिया था. “उसने ट्विशा से कहा था कि बच्चा उसका नहीं है और उसे पूरा शक है कि ट्विशा वफादार नहीं थी.”
इन तनावपूर्ण परिस्थितियों और समर्थ की प्रेग्नेंसी जारी रखने में रुचि न होने के कारण, आरोप है कि ट्विशा ने अपनी मौत से एक हफ्ता पहले गर्भपात कराया था.
इंसाफ की उम्मीद
सोमवार को शर्मा परिवार कुछ शुभचिंतकों के साथ भोपाल की जिला और सत्र अदालत पहुंचा, जहां उन्होंने गिरिबाला सिंह को मिली ज़मानत को चुनौती दी.
मृतका ट्विशा के चचेरे भाई आशीष शर्मा ने कहा, “पहले पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं कर रही थी और जब दर्ज की, तो कोर्ट ने तुरंत गिरिबाला सिंह को ज़मानत दे दी. ये संस्थाएं मेरी बहन (ट्विशा) के हत्यारों के साथ मिली हुई हैं. यही वजह है कि हम चाहते हैं कि यह केस नोएडा या दिल्ली ट्रांसफर किया जाए, जहां हमें इंसाफ की कुछ उम्मीद हो.”
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि भोपाल के वकीलों ने यह केस लेने से इनकार कर दिया था और परिवार को पैरवी के लिए दिल्ली के वकीलों से संपर्क करना पड़ा.
आशीष ने दिप्रिंट को बताया कि ट्विशा ज़िंदगी बहुत मजबूत महिला थीं. उन्होंने कहा, “वह अनजान लोगों के अधिकारों के लिए भी खड़ी हो जाती थी और हमेशा खुलकर अपनी बात कहती थी. वह बेहद निडर और आत्मनिर्भर थी, लेकिन शादी के बाद ससुराल वालों की लगातार प्रताड़ना की वजह से उसने खुद का एक हिस्सा खो दिया था.”
आशीष ने यह भी आरोप लगाया कि ट्विशा की मौत से कुछ हफ्ते पहले वह नोएडा स्थित अपने घर लौट आई थी. उन्होंने कहा, “वह प्रताड़ना से परेशान हो चुकी थी और घर वापस आ गई थी. उसका 15 किलो वजन कम हो गया था और उसे पहचानना भी मुश्किल हो गया था.”
हालांकि, बाद में दोनों परिवारों की मुलाकात हुई और शादी को एक और मौका देने का फैसला किया गया. रेखा शर्मा ने कहा, “भोपाल लौटने के कुछ समय बाद ही वह मुझे बताने लगी कि समर्थ उसे दोष दे रहा है और बुरे नामों से बुला रहा है. उसने ट्विशा से कहा था कि ‘तुम जैसी चरित्रहीन लड़की से शादी करवाने के लिए तुम्हारे पिता को ज़मीन पर नाक रगड़नी चाहिए.’”
जब मां ने पूछा कि क्या वह भोपाल आकर सब ठीक करने की कोशिश करें, तो ट्विशा ने कहा कि उसे बहुत कम उम्मीद दिखती है. उसने अपनी मां से कहा, “वो मुझसे ठीक से बात करे, तब ना रह सकती हूं उसके साथ.”
लगातार बुरे नामों से बुलाए जाने से परेशान ट्विशा ने कथित तौर पर अपनी मां से नोएडा आने के लिए टिकट बुक करने को कहा. दिप्रिंट को मिली एक चैट में ट्विशा ने लिखा था, “अगर मैं यहां और रुकी तो पागल हो जाऊंगी.”
सोमवार को शर्मा परिवार ने गिरिबाला सिंह को मिली ज़मानत को चुनौती दी और कोर्ट से केस को उत्तर प्रदेश या दिल्ली ट्रांसफर करने की अपील की.
इस बीच पूर्व जज गिरिबाला सिंह ने मीडिया से कहा कि ट्विशा के माता-पिता उसकी “खूबसूरती” से पैसे कमाते थे जब वह जिंदा थी और अब उसकी मौत के बाद भी “फायदा उठाने और और पैसे कमाने” की कोशिश कर रहे हैं.
उन्होंने कहा, “जो हुआ वह बहुत दुखद है, लेकिन उसने हमें अपने पहले बच्चे की खबर का एक पल भी खुशी से जीने नहीं दिया. उसने गर्भपात की प्रक्रिया शुरू की और उसे पूरा भी किया. हमने उसका साथ दिया, लेकिन जब वह हार्मोनल समस्याओं से गुज़र रही थी, तब हमने उसकी मां से आकर उसके साथ रहने को कहा, लेकिन वे नहीं आए.”
उन्होंने कहा, “पांच महीनों तक उसके माता-पिता उससे मिलने नहीं आए…हमने जानबूझकर उसके पिता को फोन नहीं किया. उनका स्वभाव बहुत अजीब है. करीब 20 साल से वह फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं—खासकर कजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान में. कई चीजों की वजह वही हो सकते हैं.”
गिरिबाला सिंह ने कहा, “मैं किसी को बदनाम नहीं करना चाहती, लेकिन महिलाएं जाकर फांसी लगा सकती हैं…यह गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार है, लेकिन पुरुष ऐसा नहीं कर सकते, इसलिए वे अपराधी बन जाते हैं.”
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