भोपाल, 16 जून (भाषा) भोपाल की एक अदालत ने त्विषा शर्मा दहेज हत्या मामले में आरोपी सास एवं पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह को मंगलवार को 14 और दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
त्विषा के परिजन के वकील अंकुर पांडे ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत के दौरान यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति शोभना भलावे की अदालत में हुई, जिसमें दोनों आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पेश हुए।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने गिरिबाला और समर्थ की न्यायिक हिरासत 30 जून तक बढ़ाए जाने की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। दोनों आरोपी फिलहाल भोपाल केंद्रीय कारागार में बंद हैं।
त्विषा का शव 12 मई को भोपाल स्थित उनके ससुराल के मकान में फंदे से लटका मिला था। सीबीआई ने मामले की जांच का जिम्मा संभालने के बाद दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया था।
दो जून को अदालत ने सीबीआई हिरासत की अवधि पूरी होने के बाद दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था, जो 16 जून को पूरी हो गई।
त्विषा के परिवार के एक अन्य वकील अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, ‘सीबीआई ने न्यायिक हिरासत 14 दिन बढ़ाने की मांग की थी। सीबीआई जांच अभी भी जारी है और उसने अदालत को सूचित किया कि कई व्यक्तियों के बयान दर्ज किए जाने बाकी हैं।’
उन्होंने पीटीआई वीडियो से बातचीत में कहा कि सीबीआई ने अदालत से यह भी कहा कि अब तक प्राप्त इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और फोरेंसिक रिपोर्टों की जांच जारी है, जबकि कुछ रिपोर्टों का अभी इंतजार किया जा रहा है और दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी अभी नहीं मिली है।
उन्होंने कहा, ‘सीबीआई ने अदालत को बताया कि, जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, आरोपियों से फिर से पूछताछ की आवश्यकता हो सकती है।’
श्रीवास्तव ने कहा कि सीबीआई ने इन परिस्थितियों का हवाला देते हुए अदालत से दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत और 14 दिन बढ़ाने की मांग थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
पुलिस ने समर्थ और गिरिबाला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
बाद में मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई। गिरबाला भोपाल की पूर्व जिला न्यायाधीश हैं। भाषा ब्रजेन्द्र जोहेब
जोहेब
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