scorecardresearch
Monday, 20 July, 2026
होमदेशत्रिपुरा के DGP अनुराग धनखड़ अपने ही ऑफिस के बाथरूम में फंदे से लटके मिले

त्रिपुरा के DGP अनुराग धनखड़ अपने ही ऑफिस के बाथरूम में फंदे से लटके मिले

1994 बैच के IPS अधिकारी, उन्होंने 1984 के सिख-विरोधी दंगों की जांच के लिए बनी SIT की अगुवाई की थी और CBI में रहते हुए भगोड़े बिज़नेसमैन नीरव मोदी के मामले की जांच की थी. अधिकारी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.

Text Size:

नई दिल्ली: त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग धनखड़ सोमवार को अगरतला स्थित पुलिस मुख्यालय में अपने कार्यालय के बाथरूम में कथित तौर पर फंदे से लटके मिले. 1994 बैच के IPS अधिकारी अनुराग धनखड़ 1984 के सिख विरोधी दंगों की जांच करने वाली SIT का हिस्सा रहे थे. वह भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी की जांच करने वाली CBI टीम में भी शामिल थे.

DGP को तुरंत जीबी पंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतिजार है.

डॉ. प्रदीप भौमिक ने पत्रकारों से कहा, “जब DGP अनुराग धनखड़ को अस्पताल लाया गया, तब उनमें जीवन के कोई संकेत नहीं थे. न उनकी नाड़ी चल रही थी, न ब्लड प्रेशर था और न ही सांस चल रही थी.”

उन्होंने कहा, “हमने उन्हें तुरंत इमरजेंसी विभाग के रेड जोन में शिफ्ट किया और हर तरह का CPR यानी कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन किया. लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ और आखिरकार दोपहर 12:48 बजे उन्हें मृत घोषित करना पड़ा.”

उन्होंने कहा, “यह आत्महत्या थी या नहीं, इसकी पुष्टि पोस्टमॉर्टम के बाद होगी.” सरकार की ओर से अभी तक DGP की मौत का सटीक कारण नहीं बताया गया है.

घटना के बाद त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा और अन्य सरकारी अधिकारी अस्पताल पहुंचे.

अनुराग धनखड़ ने मैसूर के CFTRI से फूड टेक्नोलॉजी में पोस्ट ग्रेजुएशन किया था. उनके पास उस्मानिया यूनिवर्सिटी से पुलिस मैनेजमेंट में मास्टर्स डिग्री और हैदराबाद की NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ से साइबर क्राइम्स में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी था.

उन्हें 1995 से 2003 तक त्रिपुरा में काम करने का लंबा अनुभव था. उन्होंने लॉन्गथराई वैली में SDPO, अविभाजित पश्चिम और दक्षिण त्रिपुरा जिलों के SP, स्पेशल ब्रांच के पुलिस अधीक्षक और AIGP (मुख्यालय) के पद पर भी काम किया.

2003-04 के दौरान उन्होंने कोसोवो में संयुक्त राष्ट्र मिशन में भी सेवा दी. 2005 से 2013 तक वह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रहे और CBI में SP और DIG के पद पर कार्य किया.

केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटने के बाद उन्होंने 2013 से 2016 तक त्रिपुरा में IGP (कानून व्यवस्था) के रूप में काम किया. 2016 से 2023 तक वह फिर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए और BPR&D में IG (रिसर्च एंड करेक्शनल एडमिनिस्ट्रेशन), CISF में IG (पर्सनल), और CBI में जॉइंट डायरेक्टर तथा अतिरिक्त निदेशक के रूप में कार्य किया. उन्होंने भारत सरकार के गृह मंत्रालय के तहत 1984 सिख विरोधी दंगों की SIT के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया.

उन्हें सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक और विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया था.

18 सितंबर 2023 को उन्होंने त्रिपुरा के अतिरिक्त DGP का पद संभाला. इसके बाद 30 सितंबर 2023 से उन्हें अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था), त्रिपुरा बनाया गया.

1 जनवरी 2024 को उन्हें DGP (इंटेलिजेंस) नियुक्त किया गया. साथ ही उन्हें अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया.

17 मई 2025 को उन्होंने त्रिपुरा के DGP का पद संभाला.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


यह भी पढ़ें: इरोम शर्मिला से सोनम वांगचुक तक: भूख हड़ताल और मेडिकल ट्रीटमेंट पर क्या कहता है कानून?


 

share & View comments