कोलकाता, 21 जनवरी (भाषा) इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के अध्यक्ष नौशाद सिद्दीकी ने बुधवार को ममता बनर्जी सरकार पर पश्चिम बंगाल में अल्पसंख्यक समुदायों के उत्थान को लेकर गंभीर न होने और “उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने” का आरोप लगाया।
कोलकाता में आईएसएफ के स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिद्दीकी ने कहा कि वैध आवासीय दस्तावेज वाले किसी भी मूल निवासी को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने आशंका जताई कि इस प्रक्रिया के दौरान अल्पसंख्यक समुदायों के उन सदस्यों को भी निशाना बनाया जा रहा है, जो पीढ़ियों से राज्य में रह रहे हैं।
तृणमूल कांग्रेस पर अल्पसंख्यक कल्याण और विकास के मुद्दे पर ‘दोहरा रवैया’ अपनाने और गंभीर न होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, “सभी दलितों को राज्य में आरक्षण का लाभ नहीं मिला है।”
उन्होंने कहा, “एसआईआर के नाम पर आम मतदाताओं को डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है। वैध दस्तावेज रखने वाले और पीढ़ियों से देश में रह रहे लोगों को सुनवाई के लिए बुलाया जा रहा है और अनावश्यक रूप से दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा जा रहा है। अगर यह उत्पीड़न जारी रहा, तो आईएसएफ विरोध प्रदर्शन शुरू करेगा।”
भाषा जोहेब प्रशांत
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