नयी दिल्ली, 15 जुलाई (भाषा) उत्तरी दिल्ली के विभिन्न बाजारों के व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को नगर निगम के विशेष अधिकारी अश्विनी कुमार से मुलाकात कर स्वास्थ्य कारोबार लाइसेंस शुल्क तथा पंजीकरण शुल्क में वृद्धि को वापस लेने की मांग की।
दिल्ली नगर निगम के विशेष अधिकारी से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में कमला नगर ट्रेडर्स एसोसिएशन, दिल्ली व्यापार महासंघ, जवाहर नगर कमला नगर मार्केट एसोसिएशन और कोल्हापुर ट्रेडर्स एसोसिएशन सहित कई व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल थे।
कमला नगर ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नितिन गुप्ता ने कहा कि बैठक में व्यापारियों ने अश्विनी कुमार को व्यापार लाइसेंस शुल्क, हाउस टैक्स, ट्रांसफर ड्यूटी में बढ़ोतरी के कारण कारोबारियों पर पड़ने वाले अतिरिक्त बोझ और उनकी परेशानियों से अवगत कराया।
नितिन गुप्ता ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘हमने उन्हें स्वास्थ्य लाइसेंस, व्यापार लाइसेंस जैसी नगर निगम की सेवाओं तक ऑनलाइन पहुंच और रूपांतरण शुल्क तथा पार्किंग विकास शुल्क जमा करने में व्यापारियों को आने वाली समस्याओं के बारे में भी बताया। एमसीडी के विशेष अधिकारी ने हमें सहयोग का आश्वासन दिया है।’’
उन्होंने कहा कि विशेष अधिकारी को आवारा पशुओं की समस्या और बाजारों में अतिक्रमण की समस्या से भी अवगत कराया गया।
दरअसल, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के जन स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य कारोबार की 94 श्रेणियों के लिए एकमुश्त पंजीकरण शुल्क और वार्षिक लाइसेंस शुल्क की दरों में संशोधन किया है।
नयी नीति के तहत 250 सीटों तक की क्षमता वाले बैंक्वेट हॉल के लिए स्वास्थ्य व्यापार लाइसेंस के लिए एकमुश्त पंजीकरण शुल्क 10,000 रुपये और वार्षिक लाइसेंस शुल्क 15,000 रुपये निर्धारित किया गया है। 250 से अधिक सीटों की क्षमता वाले बैंक्वेट हॉल के स्वास्थ्य व्यापार के लिए पंजीकरण और लाइसेंस शुल्क क्रमशः 20,000 रुपये और 25,000 रुपये निर्धारित किया गया है।
दिल्ली के कारोबारी इसी का विरोध कर रहे हैं।
भाषा रवि कांत नरेश
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