शिलांग, 11 जुलाई (भाषा) मेघालय सरकार ने उच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन करते हुए मंगलवार को पश्चिमी खासी हिल्स जिले में तीन अवैध कोक संयंत्रों को ध्वस्त कर दिया और इनका संचालन करने वाले पांच लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।
सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘सोमवार तक तीन अवैध संयंत्रों को ध्वस्त किया जा चुका है और 20 जुलाई तक और भी संयंत्र ढहाए जाएंगे।’’
अधिकारी के अनुसार, यह कार्रवाई पिछले वर्ष दिसंबर में मेघालय उच्च न्यायालय की ओर से दिए गए आदेश की अनुपालना में की गई है।
उन्होंने बताया कि संयंत्रों में दोबारा काम शुरू न किया जा सके इसीलिए उन्हें ध्वस्त किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई क्षेत्र के पारिस्थितिक संतुलन को बहाल करने की दिशा में एक आवश्यक कदम है।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने भी 2014 में राज्य में कोयले के अवैज्ञानिक खनन और परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था जिसके परिणामस्वरूप उच्चतम न्यायालय भी पहले से खनन किए जा चुके कोयले के परिवहन की निगरानी कर रहा है।
मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने पिछले वर्ष विधानसभा में बताया था कि प्रतिबंध के बावजूद राज्य में कोयले का परिवहन करने को लेकर 1652, और अवैध खनन तथा कोयले की अवैध निकासी करने पर 109 मामले दर्ज किए गए थे।
उन्होंने सदन को बताया था कि इनमें से 1354 मामले में आरोपपत्र दायर किए जा चुके हैं और 472 को दोषी ठहराया जा चुका है।
पिछले नौ वर्षों के दौरान राज्यभर में अवैध कोयला खदानों में दुर्घटनाओं से 20 से अधिक खनिक अपनी जान गंवा चुके हैं।
पश्चिमी खासी हिल्स जिले में पिछले साल एक कोयला खदान ढहने से दो खनिकों की मौत हो गई थी और एक घायल हो गया था।
भाषा खारी खारी नरेश
नरेश
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