लखनऊ, 22 अक्टूबर (भाषा) उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार से शुरू होने वाले तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संवाद में शामिल होने वाले विशेषज्ञ साइबर अपराध की उभरती चुनौतियों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), क्वांटम तकनीक और डिजिटल सुरक्षा पर मंथन करेंगे।
उत्तर प्रदेश राज्य विधि विज्ञान संस्थान (यूपीएसआईएफएस) में 23 से 25 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम का विषय ‘टेकसंगम’ है।
आयोजकों के अनुसार, इसमें देश-विदेश के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ, फॉरेंसिक वैज्ञानिक, विधि विशेषज्ञ, शिक्षाविद, सरकारी अधिकारी और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 24 अक्टूबर को कार्यक्रम में शामिल होंगे, जबकि प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि डिजिटल संप्रभुता और प्रौद्योगिकी आधारित राष्ट्रीय सुरक्षा पर व्याख्यान देंगे।
संस्थान के निदेशक जी. के. गोस्वामी ने बताया कि इस संवाद कार्यक्रम में बढ़ते साइबर अपराध, डीपफेक के जरिए दुष्प्रचार, व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा और आपराधिक जांच में प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल पर चर्चा होगी।
उन्होंने बताया कि डिजिटल साक्ष्यों की विश्वसनीयता, अदालतों में उनकी स्वीकार्यता और फॉरेंसिक जांच को मजबूत करने के उपायों पर भी विचार किया जाएगा।
गोस्वामी ने बताया कि पहले दिन डेटा सुरक्षा, क्वांटम तकनीक, एआई आधारित फॉरेंसिक जांच तथा अपराध स्थलों की जांच में ड्रोन, रोबोटिक्स और त्रिआयामी प्रिंटिंग जैसी तकनीकों के इस्तेमाल पर सत्र होंगे।
उन्होंने बताया कि 24 अक्टूबर को नीति आयोग के सदस्य अभय करंदीकर, राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा समन्वयक नवीन कुमार सिंह और राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के निदेशक जे. बी. वी. रेड्डी भी संबोधित करेंगे।
गोस्वामी ने बताया कि अंतिम दिन उभरते साइबर अपराधों और भारत की फॉरेंसिक व्यवस्था को मजबूत करने पर चर्चा होगी।
उन्होंने बताया कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ के न्यायमूर्ति राजीव सिंह समापन समारोह के मुख्य अतिथि होंगे, जबकि प्रदेश के मंत्री असीम अरुण विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
भाषा सलीम
राजकुमार
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