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Saturday, 10 October, 2026
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20 जून के प्रदर्शन में दिए गए ‘शपथपत्र का उल्लंघन’ बना दिल्ली में अभूतपूर्व सुरक्षा घेरे की वजह

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नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) द्वारा नीट प्रश्नपत्र लीक मुद्दे पर 20 जून को आयोजित प्रदर्शन के दौरान दिए गए शपथपत्र का कथित तौर पर उल्लंघन किया गया था। इसी वजह से शनिवार को जंतर-मंतर पर संगठन के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में व्यापक सुरक्षा जाल बिछाया है।

कॉजपा के संस्थापक और संयोजक अभिजीत दीपके की ओर से सौरव दास द्वारा 20 जून के प्रदर्शन के लिए सौंपे गए शपथपत्र में कहा गया था कि वह उच्चतम न्यायालय द्वारा 2017 की रिट याचिका संख्या 1153 में तय दिशा-निर्देशों के तहत स्थायी आदेश संख्या 48/2022 के नियमों और शर्तों का पालन करेंगे।

इस मुद्दे पर दास की ओर से फिलहाल कोई टिप्पणी उपलब्ध नहीं हो सकी।

अधिकारियों ने 26 बिंदुओं वाले इस वचनपत्र का हवाला देते हुए कहा कि चूंकि इसमें दी गई शर्तों के उल्लंघन के परिणामस्वरूप राष्ट्रीय राजधानी में शांति व सौहार्द भंग हुआ था, इसलिए दिल्ली पुलिस इस बार कोई जोखिम नहीं लेगी। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ शनिवार को होने वाले प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गयी है।

सूत्रों ने बताया कि अनुमति न होने के बावजूद कॉजपा ने 20 जुलाई को ‘संसद चलो’ मार्च निकाला था।

दास ने अपने शपथपत्र में कहा था, ‘मैं और अन्य आयोजक यह सुनिश्चित करेंगे कि धरना या प्रदर्शन में शामिल लोग दिल्ली पुलिस आयुक्त या ड्यूटी पर तैनात किसी भी पुलिस अधिकारी द्वारा दिए गए कानूनी निर्देशों का तुरंत पालन करेंगे।’

इसमें कहा गया था कि दास और अन्य आयोजक यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी प्रतिभागी सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, सरकारी सेवक पर हमला करने, उनकी ड्यूटी में बाधा डालने, आगजनी करने या कानून का उल्लंघन करने वाली किसी भी गतिविधि में शामिल न हो।

भाषा सुमित अविनाश

अविनाश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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