कोलकाता, एक मार्च (भाषा) पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के सांसद एवं महासचिव अभिषेक बनर्जी ने राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के बाद रविवार को निर्वाचन योग पर अपना हमला तेज करते हुए आरोप लगाया कि ‘‘एक करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटाने का लक्ष्य प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही तय कर लिया गया था’’।
बनर्जी ने एसआईआर के बाद अंतिम मतदाता सूची के पहले चरण के प्रकाशन के एक दिन बाद यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि ‘‘1.2 करोड़ नाम’’ मतदाता सूची से हटा दिए जाएंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि हटाए गए नामों और ‘‘विचाराधीन’’ रखे गए मतदाताओं की कुल संख्या अब उस आंकड़े के लगभग बराबर है।
बनर्जी ने राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार और केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर द्वारा मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने के बारे में पहले की गई टिप्पणियों को रेखांकित किया।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘एसआईआर शुरू होने से पहले ही इन नेताओं ने कहा था कि एक करोड़ से 1.25 करोड़ मतदाताओं के नाम हटा दिए जाएंगे। उन्होंने एक लक्ष्य निर्धारित किया था। निर्वाचन आयोग उसी के अनुसार कार्रवाई कर रहा है।’’
बनर्जी ने कहा कि भाजपा राजनीतिक रूप से चुनाव जीतने में असमर्थ है, और इसलिए वह ‘‘ निर्वाचन आयोग का उपयोग करके वास्तविक मतदाताओं को हटाकर चुनाव परिणाम को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है’’।
तृणमूल महासचिव ने कहा, ‘‘हालांकि, वैध मतदाताओं को हटाने से भाजपा को कोई फायदा नहीं होगा। विधानसभा चुनावों में उसे 50 से अधिक सीट नहीं मिलेंगी।’’
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एसआईआर के दौरान मतदाताओं के नाम ‘‘मनमाने तरीके से हटाए जाने’’ के खिलाफ छह मार्च को धरना देंगी।
उनकी यह टिप्पणी निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर के बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित किए जाने के एक दिन बाद आई।
निर्वाचन आयोग द्वारा शनिवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल नवंबर में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) शुरू होने के बाद मतदाताओं की संख्या में लगभगत 8.3 प्रतिशत यानी 63.66 लाख की कमी आई है। प्रक्रिया से पहले राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 7.66 करोड़ थी जो घटकर करीब 7.04 करोड़ रह गई है।
भाषा धीरज नेत्रपाल
नेत्रपाल
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