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Tuesday, 16 June, 2026
होमदेशपिछली सरकार ने खुलासों के डर से पद्मकुमार को केवल निलंबित किया: केरल के देवस्वोम मंत्री

पिछली सरकार ने खुलासों के डर से पद्मकुमार को केवल निलंबित किया: केरल के देवस्वोम मंत्री

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तिरुवनंतपुरम, 16 जून (भाषा) केरल के देवस्वोम मंत्री के. मुरलीधरन ने मंगलवार को दावा किया कि शबरिमला सोना चोरी मामले के आरोपी और त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के पूर्व अध्यक्ष ए. पद्मकुमार को माकपा ने केवल इसलिए निलंबित किया क्योंकि उसे आशंका है कि वह ऐसे खुलासे कर सकते हैं, जिससे पार्टी को नुकसान पहुंच सकता है।

मुरलीधरन ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘उन्हें (पद्मकुमार) हटाया नहीं गया, केवल निलंबित किया गया है, क्योंकि माकपा को डर है कि वह कई खुलासे कर सकते हैं।’’

शबरिमला सोना चोरी मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच के बाद वाम दल ने पद्मकुमार को पार्टी से निलंबित कर दिया था।

पद्मकुमार को एसआईटी ने इस आरोप में गिरफ्तार किया था कि त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के अध्यक्ष रहने के दौरान उन्होंने शबरिमला मंदिर की कलाकृतियों पर लगी स्वर्ण-मढ़ित प्लेटों को ‘इलेक्ट्रोप्लेटिंग’ के लिए भेजने की अनुमति दी थी।

गिरफ्तारी के बाद, माकपा ने पद्मकुमार को पार्टी की गतिविधियों में हिस्सा लेने से रोक दिया और उनसे स्पष्टीकरण मांगा।

इसके बाद, पार्टी की राज्य समिति ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के बारे में फैसला लेने की जिम्मेदारी पथनमथिट्टा जिला समिति को सौंप दी।

सोमवार को वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में जिला समिति की बैठक हुई और पद्मकुमार द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं दिए जाने के बाद उन्हें निलंबित करने का फैसला लिया गया।

पार्टी ने कहा कि सोना गायब होने के मामलों में एसआईटी का आरोपपत्र दाखिल होने के बाद पद्मकुमार से और अधिक जानकारी मांगी जाएगी और उनके विस्तृत जवाब के आधार पर आगे अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

यह निलंबन मीडिया की उन खबरों के ठीक बाद हुआ है जिनमें कहा गया था कि पद्मकुमार ने अपने करीबी सहयोगियों को बताया था कि उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद जब दो महिलाएं शबरिमला मंदिर में दाखिल हुईं, तो उन्हें और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एस. श्रीजीत को जानबूझकर सन्निधानम (मंदिर) से दूर रखा गया था।

खबरों के अनुसार, पद्माकुमार ने आरोप लगाया था कि यह कदम एक ‘बहुत प्रभावशाली व्यक्ति’ ने उठाया था, जिसका पार्टी और उस समय की वामपंथी सरकार, दोनों में काफी दबदबा था।

हालांकि, माकपा इन दावों पर प्रतिक्रिया देने से बचती दिखी। पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता पिनराई विजयन और पार्टी के प्रदेश सचिव एम.वी. गोविंदन ने पद्मकुमार के आरोपों को खारिज कर दिया।

भाषा राखी शफीक

शफीक

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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