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Wednesday, 25 March, 2026
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विपक्ष ने अलप्पुझा मेडिकल कॉलेज में सर्जिकल प्रक्रिया में हुई चूक को लेकर केरल सरकार पर निशाना साधा

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कोच्चि, 20 फरवरी (भाषा) केरल में विपक्ष ने हाल ही में हुई चिकित्सा लापरवाही की घटना को लेकर राज्य सरकार को घेरा, जिसमें अलप्पुझा मेडिकल कॉलेज में पांच साल पहले हुई एक सर्जरी के बाद महिला के पेट के अंदर एक चिकित्सीय औजार पाया गया।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला ने आरोप लगाया कि केरल के सरकारी अस्पताल कुप्रबंधन के उदाहरण बन गए हैं और हाल ही में पुन्नप्रा की निवासी ऊषा जोसेफ, जिनके पेट में 2021 में अलाप्पुझा मेडिकल कॉलेज में हुई सर्जरी के बाद चिकित्सीय औजार छोड़ दिया गया था, इस कुप्रबंधन की शिकार हुई।

उनके अनुसार, व्यवस्था की विफलता के कारण आम लोग राज्य के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में विश्वास नहीं कर पा रहे हैं।

कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि व्यवस्था में खामियां हैं तो उन्हें दुरुस्त करना मंत्री की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा, “कोझिकोड में इसी तरह की घटना के बाद भी यह सुनिश्चित करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया कि ऐसी घटना दोबारा न हो।”

चेन्नीथला ने मांग की कि ऊषा जोसेफ के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार तत्काल वहन करे।

उन्होंने कहा, “ऊषा और उनके परिवार को हर प्रकार की सहायता और समर्थन दिया जाना चाहिए।”

उन्होंने आरोप लगाया कि इलाज के लिए मेडिकल कॉलेजों में जाने वाले लोग जान गंवा रहे हैं।

उन्होंने कहा, “सरकार के पास अपने कार्यक्रमों के लिए बोर्ड लगाने के लिए पर्याप्त धन है। क्या गरीब लोगों के लिए उसके पास पैसा नहीं है?”

अलप्पुझा लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले कांग्रेस सांसद के सी वेणुगोपाल ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में कथित चिकित्सकीय लापरवाही के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।

उन्होंने कहा, “सरकार दावा करती है कि वह स्वास्थ्य सेवा में नंबर एक है, लेकिन हकीकत इससे उलट है।”

वेणुगोपाल ने बताया कि उन्होंने बृहस्पतिवार रात ऊषा जोसेफ से बात की थी और वह रो रही थीं।

उन्होंने कहा, “ऊषा रोजगार गारंटी योजना के तहत अपने पेट में इस औजार को लेकर दर्द सहते हुए काम करती रही। यह व्यवस्था की विफलता है कि यह औजार पांच साल तक उनके शरीर में रहा, जिसका पता नहीं चला सका।”

स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने घटना की जांच की घोषणा की है और सर्जरी करने वाले चिकित्सा प्राधिकारियों को निलंबित कर दिया है।

भाषा

राखी मनीषा

मनीषा

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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