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Monday, 27 April, 2026
होमदेशअदालत ने एक समिति से हटाए गए चिकित्सकों को दूसरी समिति में शामिल करने को चौंकाने वाला करार दिया

अदालत ने एक समिति से हटाए गए चिकित्सकों को दूसरी समिति में शामिल करने को चौंकाने वाला करार दिया

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जबलपुर, 19 अगस्त (भाषा) मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने जबलपुर के अस्पतालों में अग्निशमन सुविधाओं का निरीक्षण करने वाली समिति में उन तीन डॉक्टर को नामित करने को ‘‘चौंकाने’’ वाला करार दिया, जिन्हें उसी दिन अन्य समिति से हटाया गया था।

जबलपुर के दमोह नाका स्थित ‘न्यू लाइफ मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल’ में एक अगस्त को आग लग गई थी, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी और 18 लोग घायल हुए थे।

मध्य प्रदेश सरकार ने एक जनहित याचिका के जवाब में अदालत को बताया कि एक अगस्त को आग लगने की घटना के मामले में डॉ एल.एन. पटेल, डॉ निषेध चौधरी और डॉ कमलेश वर्मा द्वारा प्रस्तुत निरीक्षण रिपोर्ट उचित नहीं थी और अगले दिन उन्हें समिति से हटा दिया गया था।

याचिका में अधिकारियों को नए नर्सिंग होम और अस्पतालों को अनिवार्य सुरक्षा और अग्निशमन मानदंड पूरे किए बिना पंजीकृत करने से रोकने के निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

याचिकाकर्ता और अधिवक्ता विशाल बघेल ने अदालत को बताया कि एक अगस्त को लगी आग की घटना के मद्देनजर जबलपुर के सभी अस्पतालों का निरीक्षण करने के लिए एक नई समिति में उक्त तीन डॉक्टर को दो अगस्त को शामिल किया गया था।

भाषा शफीक नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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