जींद (हरियाणा): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को हरियाणा के जींद से देश की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस दौरान उन्होंने हरियाणा को करीब 14,700 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात भी दी.
जींद के हुडा ग्राउंड में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने हरियाणवी में भाषण की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि उनका जींद से पुराना रिश्ता है और यहां का प्यार, मुर्रा भैंस, देसी घी और घेवर आज भी उन्हें याद है.
उन्होंने कहा, “जींद का घी और घेवर तो वही है, लेकिन जींद के तेवर बदल गए हैं. आज जींद भाजपा-एनडीए सरकार के सुशासन और विकास का प्रतीक बन गया है.”
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प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के साथ अब जींद, सोनीपत और हरियाणा का नाम हमेशा के लिए भारतीय रेलवे के इतिहास में दर्ज हो गया है. उन्होंने कहा कि जैसे आज भी भारत की पहली ट्रेन मुंबई और ठाणे के बीच चलने के लिए याद की जाती है, उसी तरह भविष्य में हाइड्रोजन ट्रेन का ज़िक्र होगा तो जींद और सोनीपत का नाम भी लिया जाएगा.
पीएम मोदी ने कहा कि यह दुनिया की सबसे ताकतवर हाइड्रोजन ट्रेन है. इसमें 3,200 हॉर्सपावर का इंजन और 10 कोच हैं, जिससे यह दुनिया में चल रही सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेनों में शामिल है. उन्होंने कहा कि इस ट्रेन को भारतीय इंजीनियरों और कंपनियों ने ‘मेक इन इंडिया’ के तहत तैयार किया है.
उन्होंने कहा कि दुनिया में हाइड्रोजन ट्रेन तकनीक अभी नई है और केवल 3-4 देश ही ऐसी ट्रेनें चला रहे हैं. भारत अब उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि जींद में विकसित हो रहा हाइड्रोजन इकोसिस्टम युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा.
उन्होंने कहा कि रेलवे ने लंबा सफर तय किया है. 19वीं सदी में भाप के इंजन, 20वीं सदी में डीजल और इलेक्ट्रिक ट्रेनें थीं, जबकि 21वीं सदी हाइड्रोजन ट्रेनों की होगी.
रेलवे के आधुनिकीकरण का ज़िक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले देश के केवल 30 प्रतिशत रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण हुआ था, जबकि पिछले 12 वर्षों में करीब 99 प्रतिशत ब्रॉडगेज रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण हो चुका है. हरियाणा का रेल नेटवर्क अब 100 प्रतिशत विद्युतीकृत है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि हरियाणा को 14,700 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं मिली हैं. इनमें रेलवे और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं, दो नए मेडिकल कॉलेज, कुरुक्षेत्र में सिख संग्रहालय और अन्य विकास कार्य शामिल हैं.
उन्होंने दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे, जींद-गोहाना ग्रीनफील्ड हाईवे, अंबाला-काला अंब फोरलेन सड़क और हांसी-बरवाला हाईवे जैसी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया. उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क और रेल संपर्क से किसानों, व्यापारियों और पर्यटन को फायदा होगा.
खेलों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत 2030 राष्ट्रमंडल खेलों और 2036 ओलंपिक की मेजबानी की तैयारी कर रहा है. उन्होंने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ी देश का गौरव हैं और सरकार उन्हें हर संभव मदद देगी. हाल ही में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के साथ खेल और खिलाड़ियों के प्रशिक्षण को लेकर भी समझौते हुए हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि के तहत हरियाणा के किसानों के खातों में 8,000 करोड़ रुपये से अधिक भेजे जा चुके हैं. इनमें जींद जिले के किसानों को करीब 600 करोड़ रुपये मिले हैं.
उन्होंने कुरुक्षेत्र में बनने वाले सिख संग्रहालय की भी घोषणा की और कहा कि यह सिख गुरुओं के इतिहास, उनके बलिदान और योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का काम करेगा.
इस मौके पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि देश ने हाइड्रोजन तकनीक में बड़ी उपलब्धि हासिल की है और भारत अब उन चुनिंदा देशों में शामिल है, जिनके पास हाइड्रोजन ट्रेन बनाने की पूरी तकनीक है.
वहीं, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत ‘विकसित भारत’ की यात्रा का एक स्वर्णिम अध्याय है. उन्होंने कहा कि यह परियोजना हरित ऊर्जा और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करेगी.