नयी दिल्ली, 17 अप्रैल (भाषा) लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा से महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं होने के बाद शुक्रवार को कहा कि यह संविधान पर आक्रमण था, जिसे विपक्ष ने नाकाम कर दिया।
उन्होंने संसद परिसर में संवाददाताओं से यह भी कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी महिला आरक्षण लागू करना चाहते हैं तो 2023 में पारित कानून को लागू करें जिसमें विपक्ष पूरा सहयोग देगा।
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘यह महिला (आरक्षण) विधेयक नहीं था, ये हिंदुस्तान के राजनीतिक और चुनावी ढांचे को बदलने की कोशिश थी, संविधान पर आक्रमण था। हमने इसे रोक दिया।’’
राहुल गांधी ने यह भी कहा, ‘‘मैं प्रधानमंत्री से कहना चाहता हूं, अगर आप महिला आरक्षण विधेयक लाना चाहते हैं, तो 2023 का महिला आरक्षण विधेयक आज से लागू कर दीजिए, पूरा विपक्ष आपको 100 प्रतिशत समर्थन देगा। अगर ऐसा किया गया, तो हम महिला आरक्षण विधेयक को तुरंत लागू करवा देंगे।’’
लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को संसद के निचले सदन में पारित नहीं हो पाया।
सदन में ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, पर हुए मत विभाजन के दौरान इसके पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े।
लोकसभा में किसी भी संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत होती है।
सरकार ने इस विधेयक के साथ ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ को भी सदन में चर्चा और पारित कराने के लिए रखा था, लेकिन उन्हें भी आगे नहीं बढ़ाया जा सका।
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