scorecardresearch
Wednesday, 25 March, 2026
होमदेशअदालत ने आर्थिक अपराध को एक ‘गंभीर खतरा’ करार देते हुए कारोबारी की जमानत अर्जी खारिज की

अदालत ने आर्थिक अपराध को एक ‘गंभीर खतरा’ करार देते हुए कारोबारी की जमानत अर्जी खारिज की

Text Size:

मुंबई, 25 मार्च (भाषा) मुंबई की एक विशेष अदालत ने पुणे के कारोबारी अमित थेपड़े को 117 करोड़ रुपये के धनशोधन मामले में जमानत देने से इनकार करते हुए कहा है कि आर्थिक अपराध ‘‘देश के वित्तीय स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा’’ हैं।

अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज किए गए बयान आरोपियों के खिलाफ एक ‘‘मजबूत मामला’’ प्रस्तुत करते हैं।

विशेष पीएमएलए अदालत के न्यायाधीश आर बी रोटे ने 20 मार्च को कारोबारी की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि सात महीने पहले गिरफ्तार किए गए थेपड़े को धनशोधन के अपराध से जोड़ने वाले ‘‘पर्याप्त सबूत’’ मौजूद हैं।

न्यायाधीश ने कहा कि आर्थिक अपराध ‘‘देश की वित्तीय सेहत के लिए एक गंभीर खतरा हैं।’’

गैलेक्सी कंस्ट्रक्शन एंड कॉन्ट्रैक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड (जीसीसीपीएल) और मित्सोम एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड (एमईपीएल) के निदेशक और प्रमोटर थेपड़े को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 24 अगस्त, 2025 को गिरफ्तार किया था।

ईडी द्वारा थेपड़े के खिलाफ दर्ज मामला 2022 में सीबीआई द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी पर आधारित था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि थेपड़े और उनके सहयोगियों ने पुणे के सरकारी स्वामित्व वाले एक बैंक से अपनी कंपनियों के लिए ऋण सुविधाएं प्राप्त करने और बढ़ाने के लिए धोखाधड़ी के तरीके अपनाए थे।

भाषा शफीक सुरेश

सुरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments