हैदराबाद: तेलंगाना कांग्रेस के उपाध्यक्ष मुजाहिद आलम खान और उनके 84 वर्षीय पिता महबूब आलम खान को वक्फ बोर्ड के वकील खाजा मोइजुद्दीन की हत्या में कथित भूमिका के आरोप में शुक्रवार को हैदराबाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.
23 मई की सुबह तड़के मोइजुद्दीन की हत्या हुई थी. वह मसाब टैंक इलाके में रोज की तरह तैराकी के लिए अपनी कार से उतरे थे. शुरुआत में इसे हिट-एंड-रन का मामला माना गया था. एक हरे रंग की स्कॉर्पियो ने मोइजुद्दीन को टक्कर मार दी और उन्हें करीब 200 मीटर तक घसीटते हुए ले गई, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं. बाद में उन्हें महावीर अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई.
शुरुआत में नामपल्ली पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था. बाद में उनकी मौत के बाद इसमें हत्या की धाराएं जोड़ दी गईं. हैदराबाद पुलिस ने X पर यह जानकारी दी.
हैदराबाद पुलिस आयुक्त वी.सी. सज्जनार ने एक सप्ताह तक चली जांच के नतीजों की जानकारी देते हुए कहा कि तेलंगाना कांग्रेस नेता और उनके पिता ने कथित तौर पर वक्फ बोर्ड के वकील मोइजुद्दीन की हत्या की चार महीने लंबी साजिश रची थी.
पुलिस ने मुजाहिद आलम खान को इस साजिश का मुख्य आरोपी बताया है, जिसने कथित तौर पर सुपारी देकर हत्या की योजना बनाई. वहीं उनके पिता पर आरोप है कि उन्होंने अपराध के बाद आरोपियों को गिरफ्तारी से बचाने में मदद की.
पिता-पुत्र के खिलाफ BNS की धारा 103(1) (हत्या) और धारा 61(2)(a) (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया गया है. कांग्रेस नेताओं ने दिप्रिंट को बताया कि पार्टी ने मुजाहिद को निष्कासित करने का फैसला किया है.
तेलंगाना कांग्रेस नेता और उनके पिता के अलावा पुलिस ने इस अपराध में मदद करने और सहयोग देने के आरोप में पांच अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया है.
शुक्रवार देर शाम पत्रकारों से बातचीत में पुलिस आयुक्त ने कहा कि हत्या की योजना जनवरी में ही बना ली गई थी और आरोपी कई महीनों से रेकी कर रहे थे. सज्जनार ने कहा कि दशकों पुराने संपत्ति और वित्तीय विवाद इस अपराध की मुख्य वजह माने जा रहे हैं.
जांच के दौरान पुलिस ने 10 लाख रुपये नकद, कई मोबाइल फोन और अपराध में इस्तेमाल की गई महिंद्रा स्कॉर्पियो जब्त की है.
सज्जनार ने कहा, “हमने बेहद वैज्ञानिक तरीके से विस्तृत जांच की है. आरोपी मुजाहिद आलम खान, उनके पिता महबूब आलम खान और उनके सहयोगियों ने वकील की हत्या के लिए 15 लाख रुपये की सुपारी तय की थी. इस साजिश को हसन अली उर्फ चाउस, मुनीर और किशन उर्फ पप्पू जैसे बिचौलियों के जरिए अंजाम दिया गया. बाद में आरोपी किशन ने विनय को शामिल किया, जिसने हत्या को अंजाम देने के लिए अभिजीत उर्फ नानी, विक्रम उर्फ चिंटू और मणिदीप उर्फ पोगो नानी को साथ लिया.”
तेलंगाना कांग्रेस नेता और वक्फ बोर्ड के वकील मोइजुद्दीन के बीच कई विवाद चल रहे थे. बताया जाता है कि मलाकपेट में आलम के प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज और हैदराबाद के लकड़ी-का-पुल इलाके में स्थित बड़े व्यावसायिक परिसरों को लेकर विवाद इस हत्या की तत्काल वजह बना.
महबूब आलम खान और उनके बेटे का संबंध हैदराबाद रियासत के एक प्रतिष्ठित खानदान से है. यह परिवार पुराने हैदराबाद के रईस परिवारों में गिना जाता है. यह परिवार न सिर्फ तत्कालीन हैदराबाद राज्य के प्रमुख उद्योगपतियों में शामिल रहा है, बल्कि शहर में इसकी कई महत्वपूर्ण संपत्तियां भी हैं.
खान परिवार मशहूर हैदराबाद डेक्कन सिगरेट फैक्ट्री का मालिक है, जो गोलकोंडा ब्रांड की सिगरेट बेचती है. इसके अलावा यह ITC के लिए भी कई तरह की सिगरेट बनाती है. मुजाहिद गोलकोंडा एजुकेशनल अकादमी के चेयरमैन भी हैं, जो हैदराबाद में इंजीनियरिंग, फार्मेसी और नर्सिंग कॉलेजों की एक श्रृंखला संचालित करती है.
तेलंगाना कांग्रेस नेता मुजाहिद का हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी से भी करीबी पारिवारिक रिश्ता है. सूत्रों ने दिप्रिंट को बताया कि ओवैसी की बड़ी बेटी की शादी मुजाहिद के भाई से हुई है. दोनों परिवारों के बीच करीब दो दशकों से जमीन को लेकर विवाद भी चल रहा है.
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