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Saturday, 25 April, 2026
होमदेशशिक्षक भर्ती घोटाला: तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी ने सीबीआई के सम्मन को ‘अदालत की अवमानना’ बताया

शिक्षक भर्ती घोटाला: तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी ने सीबीआई के सम्मन को ‘अदालत की अवमानना’ बताया

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नयी दिल्ली, 17 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पश्चिम बंगाल में हुए शिक्षक भर्ती घोटाले के सिलसिले में सोमवार को तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी को पूछताछ के लिए सम्मन भिजवाया।

बनर्जी ने आरोप लगाया कि एजेंसियों को उनसे पूछताछ करने की अनुमति देने के कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक के उच्चतम न्यायालय के आदेश के बावजूद सम्मन भेजकर एजेंसी उन्हें परेशान करने की कोशिश कर रही हैं।

एजेंसी के एक अधिकारी ने कहा कि नोटिस रविवार को तैयार किया गया और सोमवार को सौंपा गया।

सीबीआई की इस कार्रवाई को ‘अदालत की अवमानना’ करार देते हुए बनर्जी ने 16 अप्रैल, 2023 की तारीख के सम्मन की तस्वीर ट्वीट की हैं, जिसमें हाथ से लिखा है कि सोमवार को यह अपराह्न 1:45 बजे प्राप्त हुआ।

पीटीआई इस पत्र की प्रामाणिकता का स्वतंत्र तौर पर सत्यापन नहीं कर सकी।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय ने आज सुबह कलकत्ता उच्च न्यायालय के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें केंद्रीय एजेंसियों को मुझे तलब करने की अनुमति दी गयी थी। फिर भी आज अपराह्न 1:45 बजे किसी के हाथों ‘सम्मन’ भेजना चिंताजनक स्थिति को दर्शाता है।’’

प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा तथा न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला की पीठ ने 24 अप्रैल को याचिका पर सुनवाई का फैसला किया था।

उसने उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय के निर्देश पर रोक लगा दी कि तृणमूल कांग्रेस नेता बनर्जी और मामले में आरोपी कुंतल घोष से ईडी और सीबीआई पूछताछ कर सकती हैं और इस तरह की ‘पूछताछ जल्द की जानी चाहिए’।

उच्च न्यायालय के फैसले पर रोक लगाने का आदेश पूर्वाह्न करीब 11:15 बजे आया था।

न्यायालय ने आदेश दिया, ‘‘यह याचिका उल्लेख किए जाने वाले मामलों की सूची में थी। डॉ ए एम सिंघवी ने उस आदेश और पारित निर्देशों की विषय वस्तु पर ध्यान दिलाया है, जिसके द्वारा ईडी और सीबीआई को अभिषेक बनर्जी के एक सार्वजनिक भाषण के संबंध में जांच से जुड़ी एक रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। मामले को 24 अप्रैल, 2023 के लिए सूचीबद्ध किया जाए। मामले में सुनवाई की अगली तारीख तक याचिकाकर्ता के खिलाफ उक्त आदेश में पारित निर्देशों के संबंध में हर प्रकार की कार्रवाई पर रोक रहेगी।’’

उल्लेखनीय है कि कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 13 अप्रैल को कई निर्देश जारी करते हुए पुलिस से कहा था कि वह अदालत की अनुमति के बिना शिक्षक भर्ती घोटाले की तहकीकात कर रहे प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई के जांच अधिकारियों के खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं करे।

उसने केंद्रीय एजेंसी से मामले में तृणमूल कांग्रेस के नेताओं की भूमिका की जांच करने को कहा था।

शीर्ष अदालत ने न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय के 13 अप्रैल के उस आदेश पर भी रोक लगा दी, जिसमें पश्चिम बंगाल पुलिस को स्कूल भर्ती घोटाले की जांच कर रहे सीबीआई और ईडी के अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं करने का निर्देश दिया गया था।

भाषा वैभव दिलीप

दिलीप

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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