जयपुर, छह जुलाई (भाषा) राजस्थान के बीकानेर जिले में डूंगरगढ़ थाना क्षेत्र के एक निजी स्कूल की 17 वर्षीय छात्रा का अपहरण करने वाली महिला शिक्षिका को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।
थानाधिकारी अशोक बिश्नोई ने ‘‘पीटीआई-भाषा’’ को बताया, ‘पीड़ित छात्रा के बयान के बाद आरोपी शिक्षिका के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम की धाराएं जोड़ी गईं हैं। शिक्षिका को आज गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। मामले में अन्य आरोपियों से पूछताछ की जानी है।’
इससे पहले पुलिस ने नाबालिग छात्रा के परिवार की शिकायत पर शिक्षिका, उसके पिता और उसके दो भाइयों के खिलाफ अपहरण से संबंधित भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366 और 120-बी के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिक्षक के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम की धाराओं के तहत भी मामला दर्ज किया गया।
उन्होंने बताया कि पीड़ित नाबालिग छात्रा और आरोपी शिक्षिका को बुधवार को चेन्नई से बीकानेर लाया गया था। दोनों के लापता होने के कुछ दिनों बाद उन्होंने ऑनलाइन एक वीडियो पोस्ट किया था जिसमें कहा गया था कि उनका आपस में प्रेम संबंध हैं और एक साथ रहना चाहते हैं।
शनिवार को छात्रा और शिक्षिका के लापता होने पर बीकानेर जिले के श्री डूंगरगढ़ शहर में विरोध प्रदर्शन किया गया था और नाबालिग छात्रा के परिजनों ने इसे ‘लव जिहाद’ का मामला करार दिया था।
श्री डूंगरगढ़ कस्बे के एक निजी स्कूल की 12वीं कक्षा की छात्रा एक जुलाई को लापता हो गई थी, उसी दौरान उसी स्कूल की एक शिक्षिका निदा बहलीम (21) के भी लापता होने की सूचना मिली थी।
बाद में छात्रा के परिवार ने आरोप लगाया था कि शिक्षिका ने उसका अपहरण कर लिया और उसका ब्रेनवॉश किया है । उन्होंने इसे ‘लव जिहाद’ का मामला बताते हुए श्री डूंगरगढ़ पुलिस थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया।
इस बीच, शिक्षिका के परिवार ने श्री डूंगरगढ़ पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सोमवार को सोशल मीडिया पर चार मिनट का एक वीडियो सामने आया था जिसमें नाबालिग छात्रा यह कहती नजर आई थी, कि दोनों अपनी मर्जी से गए थे और एक-दूसरे से प्यार करते हैं।
वीडियो में छात्रा कह रही थी कि ‘हम समलैंगिक हैं और किसी दूसरे आदमी से शादी नहीं कर सकतीं, इसलिए हमने भागने का फैसला किया और अगर तुमने हमें पकड़ लिया तो हमारी जिंदगी खत्म हो जाएगी। उनके (शिक्षिका) परिवार वालों के खिलाफ केस मत करो। अपहरण का मामला गलत है। मैं छोटी लड़की नहीं हूं जिसे फुसलाया जा सकता है।’
वीडियो में शिक्षिका कह रही थी ‘बेवजह दंगा मत करो… हम बहुत सुरक्षित हैं, हम बहुत खुश होंगे, हमें छोड़ दो।’
वीडियो में शिक्षिका ने यह भी कहा कि उसने छात्रा को नहीं बहकाया और उसके परिवार की इसमें कोई भूमिका नहीं है।
भाषा कुंज रंजन
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