तिरुपुर (तमिलनाडु), 23 मई (भाषा) तिरुपुर के जिला एवं सत्र न्यायालय ने वैध यात्रा या पहचान दस्तावेजों के बिना अवैध रूप से तमिलनाडु में रहने के दोषी 25 बांग्लादेशी नागरिकों को दो वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष ने बताया कि जून 2025 में पल्लाडम पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर कराईपुदुर इलाके में छापेमारी की कार्रवाई कर इन लोगों को हिरासत लिया था।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि उनमें से किसी के पास भी वैध पासपोर्ट, वीजा या भारतीय निवास परमिट नहीं है तथा उनके पास बांग्लादेशी राष्ट्रीय पहचान पत्र थे।
विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट नियमों के तहत मामला दर्ज किया गया था। लोक अभियोजक ए वी विवेकानंदन ने सरकार की ओर से पक्ष रखा।
तिरुपुर जिला सह सत्र न्यायाधीश एम सुरेश ने शुक्रवार को सभी 25 लोगों को अवैध रूप से देश में प्रवेश करने और ठहरने का दोषी पाया एवं प्रत्येक को दो-दो साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
न्यायाधीश ने उनपर 10,000-10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
अदालत ने कहा कि यदि दोषी जुर्माने की राशि जमा नहीं करते तो उन्हें एक महीने अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
सजा पूरी करने के बाद उन्हें बांग्लादेश भेज दिया जाएगा।
भाषा राजकुमार धीरज
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