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Monday, 5 October, 2026
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हिंदू संगठन के प्रदर्शन के बाद SRFTI के छात्रों ने सुरक्षा की मांग की, अकादमिक बहिष्कार जारी रखा

SRFTI के छात्रों ने 28 सितंबर से अपना “अकादमिक बहिष्कार” जारी रखा है, जिसके कारण लगातार आठवें दिन भी कक्षाएं बंद रहीं.

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कोलकाता: सोमवार को यहां SRFTI के गेट पर पुलिस ने निगरानी रखी, जबकि छात्र अपना अकादमिक बहिष्कार जारी रखे हुए थे. छात्र कैंपस में एक दिन पहले बंगीय हिंदू जागरण मंच के सदस्यों के प्रदर्शन के बाद सुरक्षा की मांग कर रहे थे.

सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) छात्र संघ के महासचिव नचिकेत ने PTI को बताया कि कक्षाओं का बहिष्कार तब तक जारी रहेगा, जब तक छात्रों को उनकी सुरक्षा का भरोसा नहीं दिया जाता और “RSS की मदद से चलने वाले संगठनों के ऐसे हमले” दोबारा नहीं होते.

उन्होंने कहा कि संघ ने उप-कुलपति संतोष अजमेरा और रजिस्ट्रार दीपक कुमार के इस्तीफे की भी मांग की है, “अगर वे इस प्रमुख फिल्म संस्थान पर RSS के सहयोगी संगठनों के हमले रोकने में नाकाम रहते हैं, छात्रों को धमकाने और डराने का काम जारी रहता है और फिल्म एवं टीवी संस्थान के कैंपस में मौजूद सांस्कृतिक, उदार और प्रगतिशील माहौल को दबाया जाता है.”

मंच ने यह प्रदर्शन 27 सितंबर को कैंपस में छात्रों के एक गुट और अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत (ABGP) के सदस्यों के बीच हुई झड़प के विरोध में किया था. ABGP RSS से जुड़ा एक उपभोक्ता जागरूकता संगठन है.

सोमवार को जारी एक बयान में SRFTI ने कहा कि वह “रविवार (4 अक्टूबर) को हुई घटनाओं को लेकर बहुत चिंतित है और छात्रों की सुरक्षा, बचाव और भलाई सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है.”

4 अक्टूबर की घटनाओं के बारे में संस्थान ने कहा कि कैंपस के बाहर से आए लोगों का एक समूह उसके मुख्य गेट के पास इकट्ठा हुआ और “हंगामा किया, जिससे संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई.”

“इस घटना को लेकर अधिकारियों के पास औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है. पुलिस के समय पर हस्तक्षेप से भीड़ को वहां से हटाया जा सका. संस्थान कैंपस में हिंसा, डराने-धमकाने या गैरकानूनी तरीके से प्रवेश करने की किसी भी कोशिश की स्पष्ट रूप से निंदा करता है. SRFTI स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है और संस्थान के अंदर और आसपास शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरा सहयोग दे रहा है,” उसने कहा.

संस्थान ने कहा कि वह कैंपस के गेट और पूरे कैंपस की बाहरी सीमा पर सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए जरूरी कदम उठा रहा है.

उप-कुलपति ने कहा, “SRFTI सिनेमा और टेलीविजन की शिक्षा के लिए समर्पित एक राष्ट्रीय संस्थान है. यहां पूरे भारत से छात्र आते हैं, जो अलग-अलग क्षेत्रों, भाषाओं, संस्कृतियों और जीवन के अनुभवों का प्रतिनिधित्व करते हैं. यह विविधता संस्थान की सबसे बड़ी ताकतों में से एक और उसकी रचनात्मक पहचान का जरूरी हिस्सा रही है. पिछले कुछ दिनों की घटनाएं बहुत चिंताजनक हैं.”

उन्होंने कहा, “हम घायल हुए छात्रों को पूरा सहयोग दे रहे हैं और अपने छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा उन्हें अपनी पढ़ाई और रचनात्मक काम जारी रखने में सक्षम बनाने के लिए हर जरूरी कदम उठा रहे हैं.”

उन्होंने आगे कहा कि संस्थान छात्रों के साथ लगातार संपर्क में है और उनकी चिंताओं को दूर कर रहा है. उन्होंने कहा कि संस्थान फिर से यह स्पष्ट करता है कि छात्रों को बिना किसी डर के कक्षाओं में जाने और अपनी पढ़ाई तथा रचनात्मक काम करने में सक्षम होना चाहिए.

इस बीच, मुख्य गेट के पास “शैक्षणिक संस्थान के कैंपस में भगवा आतंकवाद नहीं” और “BJP मुर्दाबाद, BJP हिंदुराष्ट्र मुर्दाबाद” लिखे पोस्टर लगाए गए.

संस्थान द्वारा आउटसोर्स किए गए सुरक्षा गार्डों ने मीडिया कर्मियों को गेट से आगे कैंपस में प्रवेश नहीं करने दिया.

चौथे वर्ष के एक छात्र ने, अपना नाम न बताने की शर्त पर कहा, “हम अपने संस्थान में RSS से जुड़े संगठनों के बार-बार होने वाले मार्च को लेकर बहुत चिंतित हैं. यह देश के प्रमुख संस्थानों में से एक है और इसका नाम बंगाल के फिल्म जगत के दिग्गज सत्यजीत रे के नाम पर रखा गया है. मैं कल शाम कैंपस में था और मैंने दूसरों के साथ देखा कि छात्रों और शिक्षकों पर चीजें और ईंटें फेंकी गईं.”

राज्य के बाहर से आए छात्र ने कहा, “हम तब तक बहिष्कार जारी रखेंगे, जब तक पुलिस ऐसे हमलों को रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाती.”

SRFTI के छात्रों ने 28 सितंबर से अपना “अकादमिक बहिष्कार” जारी रखा है, जिसके कारण लगातार आठवें दिन भी कक्षाएं बंद रहीं.

वे कैंपस में हुई झड़प के लिए जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी और छात्रों के लिए पर्याप्त सुरक्षा की मांग कर रहे हैं.

27 सितंबर को उपभोक्ता जागरूकता संगठन के एक कार्यक्रम के दौरान छात्रों और ABGP के सदस्यों के बीच पहली बार हिंसा हुई थी.


 

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