ठाणे, सात सितंबर (भाषा) बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त के मराठी भाषा नहीं सीख पाने को लेकर मजाकिया अंदाज में एक टिप्पणी करने के बाद महाराष्ट्र में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। दत्त ने अवैध हथियार रखने के मामले में पुणे की यरवदा जेल में ‘‘छह साल’’ बिताने के बावजूद मराठी नहीं सीख पाने की बात कही थी।
यह घटना शनिवार को ठाणे शहर में गोकुलाष्टमी के मौके पर ‘संस्कृति युवा प्रतिष्ठान’ द्वारा आयोजित दही-हांडी समारोह के दौरान मंच पर हुई, जहां महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक भी मौजूद थे।
सरनाइक ने कार्यक्रम में दत्त से मराठी में संबोधित करने का आग्रह किया था।
इस पर दत्त ने मजाकिया अंदाज में कहा कि यरवदा जेल में ‘‘छह साल’’ रहने के बावजूद वह मराठी नहीं सीख सके, बस थोड़ी-बहुत भाषा ही समझ पाए।
बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित होने के बाद शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत ने सोमवार को सरनाइक की आलोचना की। उन्होंने कहा कि मंत्री को दत्त से कहना चाहिए था कि वह महाराष्ट्र में हैं और उन्हें मराठी बोलनी चाहिए।
दत्त के बयान पर कुछ लोगों ने उनकी सहज प्रतिक्रिया की सराहना की, जबकि कुछ ने आम कामगारों के लिए लागू कड़े भाषा नियमों और चर्चित हस्तियों के प्रति कथित नरमी पर सवाल उठाए।
दत्त को 25 फरवरी 2016 को यरवदा जेल से रिहा किया गया था। उन्होंने 1993 के मुंबई सिलसिलेवार बम विस्फोट मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद मिली पांच साल की सजा के तहत 42 महीने जेल में बिताए थे (उनके दावे के अनुसार छह साल या 72 महीने नहीं)।
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राखी प्रशांत
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