scorecardresearch
Thursday, 26 March, 2026
होमदेशसिर्फ सत्ता पाने के इरादे से कुछ दल गोरखालैंड के लिए आंदोलन कर रहे हैं : अनित थापा

सिर्फ सत्ता पाने के इरादे से कुछ दल गोरखालैंड के लिए आंदोलन कर रहे हैं : अनित थापा

Text Size:

(ऐशिक चंदा)

दार्जिलिंग (पश्चिम बंगाल) बिनय तमांग, गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के बिमल गुरुंग एवं हामरो पार्टी के अजय एडवर्ड जैसे विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन (जीटीए) के मुख्य कार्यकारी अनित थापा ने कहा कि दार्जिलिंग के लोगों को समझ आ गया है कि कुछ दल ‘‘सिर्फ सत्ता पाने के इरादे से अलग गोरखालैंड राज्य के मुद्दे पर आंदोलन कर रहे हैं’’।

थापा ने कहा कि इस मुद्दे पर पश्चिम बंगाल सरकार के साथ टकराव का कोई मतलब नहीं है क्योंकि राज्य का दर्जा देने का अधिकार केंद्र के पास है।

पश्चिम बंगाल के उत्तरी पर्वतीय क्षेत्र में शासन संबंधी कार्य देख रहे जीटीए में भ्रष्टाचार के आरोपों को खारिज करते हुए थापा ने दार्जिलिंग से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद राजू बिस्ता पर बरसते हुए कहा कि गोरखालैंड के निर्माण को लेकर वादे को पूरा करने में अपनी नाकामी से ध्यान भटकाने के लिए 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले इस तरह के ‘‘बेबुनियाद’’ आरोप लगा रहे हैं जिनके आधार पर भगवा पार्टी लगातार तीन बार से इस सीट से चुनाव जीत रही है।

टेलीफोन पर पीटीआई-भाषा के साथ साक्षात्कार में जीटीए का नेतृत्व करने वाले भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा (बीजीपीएम) सुप्रीमो थापा ने कहा कि दार्जिलिंग में सत्तारूढ़ दल क्षेत्र में पंचायत चुनावों में जीत दर्ज करेगा । राज्य के अन्य हिस्सों के साथ दार्जिलिंग में कुछ महीनों में पंचायत चुनाव होने की संभावना है।

उन्होंने कहा, ‘‘दार्जिलिंग के आम लोग समझ गए हैं कि कुछ पार्टियां सिर्फ सत्ता पाने के इरादे से गोरखालैंड के लिए आंदोलन कर रही हैं। यह केंद्र का मामला है। राज्य सरकार से लड़ने का कोई मतलब नहीं है। किसी भी आंदोलन को जनता का समर्थन नहीं है। दार्जिलिंग लोकसभा सीट पर भाजपा ने लगातार तीन बार जीत दर्ज की है। लेकिन उन्होंने गोरखाओं के लिए कुछ नहीं किया।’’

तमांग, गुरुंग और एडवर्ड्स गोरखालैंड के लिए आंदोलन को फिर से शुरू करने के एकजुट हो गए हैं। उन्होंने पिछले महीने राज्य को विभाजित करने के किसी भी प्रयास के खिलाफ पश्चिम बंगाल विधानसभा में पारित एक प्रस्ताव के विरोध में क्षेत्र में 12 घंटे के बंद का आह्वान किया था, लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा इस ‘‘जबरन बंद’’ का स्पष्ट तौर पर विरोध करने और कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं का हवाला देने के कारण इसे वापस ले लिया गया था।

थापा ने कहा, ‘‘2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान राजू बिस्ता ने महाकाल धाम (दार्जिलिंग में प्रसिद्ध मंदिर) में वादा किया था कि वह गोरखालैंड राज्य बनवाएंगे। अब निचले सदन के लिए अगले साल होने वाले चुनाव को देखते हुए वह अपनी नाकामी से ध्यान हटाने की कोशिश के तहत जीटीए के खिलाफ भ्रष्टाचार के बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।’’

भाषा सुरभि नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments