शिमला, 23 मई (भाषा) स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने शनिवार को कहा कि मई के दौरान शिमला के दीन दयाल उपाध्याय जोनल हॉस्पिटल (डीडीयूजेडएच) में बच्चों में वायरल हेपेटाइटिस के मामलों में क्रमिक वृद्धि देखी गई है।
अब तक वायरल हेपेटाइटिस जैसे लक्षण वाले 11 बच्चों को अस्पताल के बाल रोग वार्ड में भर्ती किया गया है, जिनमें से सात बच्चों में हेपेटाइटिस-ए की पुष्टि हुई है।
इन मामलों के अलावा, हल्के लक्षण वाले कई बच्चों का बहिरंग विभाग (ओपीडी) में जांच और उपचार किया गया है।
शिमला के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. यशपाल रंटा ने बताया कि पिछले एक महीने में ये मामले धीरे-धीरे सामने आए हैं और हर रोज या एक दिन छोड़कर लगभग एक मामला दर्ज हो रहा है।
उन्होंने कहा कि फिलहाल किसी एक विशेष इलाके से जुड़े संक्रमण के प्रकोप के प्रमाण नहीं मिले हैं। प्रभावित बच्चे अलग-अलग क्षेत्रों से हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
एहतियात के तौर पर स्वास्थ्यकर्मियों को प्रभावित इलाकों में तैनात किया गया है, ताकि सक्रिय निगरानी की जा सके, अतिरिक्त मामलों की पहचान हो, स्वच्छता और पेयजल की स्थिति का आकलन किया जा सके तथा लोगों को बचाव संबंधी उपायों के प्रति जागरूक किया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर सुरक्षित पेयजल आपूर्ति और उचित स्वच्छता सुनिश्चित करने में भी जुटा है।
डॉ. रांटा ने बताया कि हेपेटाइटिस-ए और हेपेटाइटिस-ई मुख्य रूप से दूषित भोजन या पानी तथा खराब व्यक्तिगत स्वच्छता के कारण मल-मुख मार्ग से फैलते हैं। उन्होंने लोगों से सुरक्षित और संभव हो तो उबला हुआ पानी पीने, हाथों की सफाई बनाए रखने, खुले खाद्य पदार्थों और अस्वच्छ स्थानों पर कटे फलों के सेवन से बचने तथा आसपास साफ-सफाई रखने की अपील की।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को बुखार, मतली, उल्टी, पेट दर्द, पीलिया या गहरे रंग का पेशाब जैसी शिकायत हो तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
शिमला स्वास्थ्य विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जनहित में सभी आवश्यक रोकथाम एवं नियंत्रण उपाय लागू कर रहा है।
भाषा गोला संतोष
संतोष
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