(फोटो के साथ)
नाथनपुर (असम), 20 फरवरी (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को असम के कछार जिले से ‘जीवंत ग्राम कार्यक्रम’ (वीवीपी) के दूसरे चरण की शुरुआत की और भारत-बांग्लादेश सीमा का निरीक्षण किया।
शाह ने असम के अपने दो दिवसीय दौरे के पहले दिन कांग्रेस पर अपने शासनकाल के दौरान घुसपैठ होने देने और विकास की पहल न करने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने असम के कछार जिले से देशभर में वीवीपी के दूसरे चरण की शुरुआत की और कहा कि यह परियोजना सीमावर्ती क्षेत्रों से पलायन और घुसपैठ को रोकने में मदद करेगी।
शाह ने कहा कि देश के सीमावर्ती गांवों का विकास प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि वीवीपी के दूसरे चरण में पाकिस्तान और बांग्लादेश की सीमा से लगे 17 राज्यों के 334 ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले 1,954 गांवों को शामिल किया जायेगा।
उन्होंने कांग्रेस पर अपने शासनकाल में देश की सीमाएं खुली छोड़ने का आरोप लगाया, जिसके कारण असम में घुसपैठ हुई।
उन्होंने दावा किया कि राज्य में मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने घुसपैठ की समस्या का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने राज्य में अपने शासनकाल के दौरान कोई विकास कार्यक्रम शुरू नहीं किया, लेकिन ‘‘अब प्रतिदिन 14 किलोमीटर सड़क का निर्माण हो रहा है, जो देश में सबसे अधिक है’’।
शाह ने कहा कि पहले सीमावर्ती क्षेत्रों को अंतिम गांव माना जाता था और ये ‘‘न केवल स्थान के लिहाज से अंतिम थे, बल्कि विकास, रोजगार, शिक्षा, बिजली कनेक्शन, सड़क और टेलीफोन संपर्क के लिहाज से भी पिछड़े हुए थे’’।
उन्होंने कहा कि 6,900 करोड़ रुपये की राष्ट्रव्यापी योजना (वीवीपी-द्वितीय) में असम के नौ जिलों के 26 ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले 140 गांवों को भी शामिल किया जायेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘असम के सभी 140 गांवों को देश के बाकी हिस्सों के समान सुविधाएं मिलेंगी।’’
शाह ने कहा कि सुरक्षा, योजना के व्यापक प्रसार और कनेक्टिविटी से संबंधित कई योजनाएं इस कार्यक्रम में शामिल की गई हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने असम के लिए एक लाभकारी औद्योगिक नीति शुरू की है, और वीवीपी-द्वितीय इसका एक महत्वपूर्ण घटक है।
वीवीपी-द्वितीय का उद्देश्य आवश्यक बुनियादी ढांचे में सुधार करना, बुनियादी सेवाओं तक पहुंच बढ़ाना और स्थायी आजीविका के अवसर पैदा करना है, जिससे ‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना के अनुरूप सुरक्षित, लचीले और समृद्ध सीमावर्ती समुदायों को बढ़ावा मिल सके।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इन गांवों को मजबूत करके, कार्यक्रम निवासियों को राष्ट्र की आंख और कान के रूप में कार्य करने में सक्षम बनाता है, जिससे सीमा सुरक्षा, सीमा पार अपराधों की रोकथाम और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलता है।
शाह ने कहा, “कांग्रेस ने देश की सीमाएं खुली छोड़ दीं, जिसके कारण असम में घुसपैठ हुई। पार्टी ने राज्य में अपने शासनकाल के दौरान कोई विकास कार्यक्रम शुरू नहीं किया।”
उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने घुसपैठ की समस्या का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि असम सरकार ने राज्य में घुसपैठ, हिंसा और उग्रवाद को रोक दिया है।
शाह ने कहा कि भाजपा सरकार ने राज्य को बाढ़ मुक्त बनाने की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी है। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस ने 2004 से 2014 तक असम के लिए केवल 1.28 लाख करोड़ रुपये दिए थे, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले 10 वर्षों में राज्य के विकास के लिए 15 लाख करोड़ रुपये दिए हैं।’’
गृह मंत्री ने कहा कि ‘डबल इंजन’ सरकार ने पिछले दशक में 24,000 किलोमीटर से अधिक सड़कों का जीर्णोद्धार किया है, हजारों पुलों का निर्माण किया है और चार प्रमुख नए पुल असम की जनता को समर्पित किए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा ने पिछले 10 वर्षों में असम को सुरक्षित और विकसित बनाया है, और अगले पांच वर्षों में वह राज्य को बाढ़ मुक्त बना देगी।’’
इस कार्यक्रम के बाद, गृह मंत्री ने नाथनपुर सीमावर्ती गांव में भारत-बांग्लादेश सीमा का निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने बताया कि शाह ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और अधिकारियों को कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया।
उन्होंने बताया कि गृह मंत्री ने यहां बीएसएफ के शिविर में शहीदों के स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और प्रदर्शित किए गए हथियारों का निरीक्षण किया।
उन्होंने सीमा के पास एक बरगद का पेड़ भी लगाया।
असम बांग्लादेश के साथ 267.5 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है, जिसमें भूमि और नदी सीमा दोनों शामिल हैं।
यह सीमा धुबरी, दक्षिण सालमारा-मनकाचर, कछार और करीमगंज जिलों के कुछ हिस्सों को कवर करती है।
उन्होंने बराक घाटी का अपना दौरा समाप्त किया और अगरतला के लिए रवाना हो गये।
शाह शनिवार को गुवाहाटी लौटेंगे और अर्जुन भोगेश्वर बरुआ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में सीआरपीएफ की वार्षिक दिवस परेड में शामिल होंगे, जो पूर्वोत्तर में पहली बार आयोजित की जा रही है।
वह आज दोपहर सोनपुर के कचुटोली में 10वीं असम पुलिस बटालियन के नये परिसर की आधारशिला भी रखेंगे।
असम में 29 दिसंबर के बाद शाह की यह तीसरी यात्रा है, जहां सत्तारूढ़ भाजपा का लक्ष्य लगातार तीसरी बार सत्ता में बरकरार रहना है।
राज्य की 126 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव मार्च-अप्रैल में होने की संभावना है।
भाषा देवेंद्र वैभव
वैभव
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
