इंफाल, 23 अक्टूबर (भाषा) मणिपुर के गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजम ने शुक्रवार को कहा कि कांगपोकपी जिले में इस सप्ताह की शुरुआत में तीन मेइती युवकों की हत्या में शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार करने के लिए तलाश अभियान जारी है।
उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों ने अभियान स्थगन (एसओओ) समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले उग्रवादी समूहों के लिए निर्धारित एक शिविर पर भी छापा मारा और पूछताछ के लिए 17 लोगों को हिरासत में लिया।
कोंथौजम ने यहां एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से कहा, ‘‘सुनुरोक की पहाड़ियों में हाल में तीन युवकों की हत्या के मामले में अभियान जारी है। कोबरा, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और पुलिस की संयुक्त टीम ने कांगपोकपी में सीनाई शिविर पर छापा मारा, जहां 18 लोग मौजूद थे। यह शिविर एसओओ समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले समूहों के लिए निर्धारित है।’’
उन्होंने बताया कि इन 18 लोगों में से एक की पहचान एसओओ समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले कुकी संगठन के एक कैडर के रूप में हुई है, जबकि अन्य लोगों की पहचान की पुष्टि की जानी बाकी है।
उन्होंने कहा, ‘‘सीनाई शिविर में 17 लोगों को हिरासत में लिया गया है और यह पता लगाने के लिए जांच जारी है कि वे किन समूहों से संबंधित हैं।’’
मंत्री ने बताया कि सोमवार को हत्याओं के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था और उनसे पूछताछ की जा रही है।
कोंथौजम ने कहा कि एसओओ समझौता चार सितंबर को समाप्त हो गया था और इसका नवीनीकरण नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि तलाश अभियान केवल कुकी समूहों के शिविरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मेइती और नगा संगठनों के शिविरों में भी चलाया जाएगा।
मंत्री ने पहाड़ी इलाकों में अभियान चलाने के दौरान सुरक्षा बलों के सामने आने वाली कठिनाइयों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा, ‘‘कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निष्पक्ष कदम उठाए जाएंगे। सरकार सामान्य स्थिति बहाल करने की कोशिश कर रही है।’’
घाटी में रहने वाले मेइती और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले कुकी समुदायों के बीच मई 2023 में शुरू हुए जातीय संघर्ष में अब तक कम से कम 306 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 49 लोग अब भी लापता हैं और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं।
हाल के महीनों में कुकी और नगा समुदायों के बीच भी झड़पों की खबरें सामने आई हैं।
भाषा
राखी नरेश
नरेश
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