भुवनेश्वर, 18 अप्रैल (भाषा) ओडिशा में विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने कहा है कि 2029 से लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने और लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 800 से अधिक करने के लिए लाए गए संविधान संशोधन विधेयक के पारित नहीं होने से ‘‘सत्य की जीत हुई है।’’
बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक ने इससे पहले महिला आरक्षण विधेयक को परिसीमन विधेयक से अलग करने की मांग की थी।
बीजद के संसदीय दल के नेता मानस रंजन मंगराज ने शुक्रवार को ‘एक्स’ पर लिखा, “सत्यमेव जयते! सत्य की जीत हुई! आज संसद में महिला आरक्षण विधेयक नहीं, बल्कि विवादास्पद परिसीमन विधेयक (131वां संवैधानिक संशोधन) पराजित हुआ।”
उन्होंने कहा, ‘‘यह ओडिशा जैसे राज्यों के लिए एक महत्वपूर्ण जीत है जिन्हें उनके उचित हिस्से से वंचित किए जाने का खतरा था। हमारे नेता नवीन पटनायक ने इस मुद्दे पर दृढ़ और सक्रिय रुख अपनाया।’’
बीजद विधायक और पूर्व मंत्री अरुण कुमार साहू ने कहा कि महिला आरक्षण का श्रेय लेने की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ‘‘रणनीति विफल हो गई है।’’
उन्होंने कहा, “यह उल्लेखनीय है कि ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक ही देश में पहले व्यक्ति थे जिन्होंने पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित की थीं। भाजपा के शीर्ष से लेकर निचले स्तर तक के नेताओं ने इसका श्रेय लेने की पूरी कोशिश की, लेकिन असफल रहे।”
हालांकि, केंद्रापाड़ा से सांसद एवं भाजपा नेता बैजयंत पांडा ने कहा कि इतिहास उन लोगों के प्रति ‘‘उदारता नहीं दिखाएगा जिन्होंने महिला सशक्तीकरण के रास्ते में बाधा डाली।’’
भाषा तान्या सिम्मी
सिम्मी
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