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Tuesday, 28 April, 2026
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रीजीजू ने एफसीआरए संशोधन विधेयक पर विपक्ष के दावों को ‘झूठ’ करार दिया

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नयी दिल्ली, 31 मार्च (भाषा) केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने मंगलवार को कहा कि एफसीआरए संशोधन विधेयक का उद्देश्य किसी धार्मिक संगठन को निशाना बनाना नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा एवं हितों के खिलाफ विदेशी धन के इस्तेमाल को रोकना है।

रीजीजू ने यहाँ भाजपा मुख्यालय में पत्रकारों के साथ बातचीत में कांग्रेस और वामपंथी दलों पर तीखा हमला बोला तथा उन पर एफसीआरए में प्रस्तावित संशोधन को लेकर झूठी बातें फैलाने का आरोप लगाया।

वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि विधेयक को लेकर उनके दावे ‘‘पूरी तरह से झूठे, मनगढ़ंत और गुमराह करने वाले’’ हैं।

विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम में संशोधन के लिए 25 मार्च को लोकसभा में एक विधेयक पेश किया गया, जिसमें सरकार ने यह स्पष्ट किया कि विदेशी धन के ज़रिए ज़बरन धर्म परिवर्तन कराने में शामिल व्यक्तियों को बख्शा नहीं जाएगा।

विदेशी अंशदान विनियमन संशोधन (एफसीआरए) विधेयक, 2026 पेश करते हुए, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा था कि इस कानून का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और विदेशों से प्राप्त धन का उचित उपयोग सुनिश्चित करना है।

विधेयक को लेकर विपक्ष के दावों के बारे में पूछे जाने पर रीजीजू ने कहा, ‘‘केरल में वामपंथी दल और कांग्रेस ने कुछ अफ़वाहें फैलाई हैं कि भारत सरकार विभिन्न धार्मिक संगठनों की गतिविधियों को रोकने के लिए एफसीआरए संशोधन विधेयक ला रही है।’’

अल्पसंख्यक कार्य मंत्री ने कहा, ‘‘प्रस्तावित संशोधन विधेयक केवल भारत में विदेशी धन को विनियमित करने और किसी भी अवैध गतिविधि में धन के दुरुपयोग को रोकने के लिए लाया गया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘पैसा गैर-कानूनी तरीके से आता है और राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए, राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रीय हित में, ये प्रस्तावित संशोधन लाए गए हैं।’’

रीजीजू ने आरोप लगाया कि वामपंथी दल और कांग्रेस इस विधेयक में प्रस्तावित संशोधनों को लेकर झूठी बातें फैला रहे हैं, क्योंकि उन्हें इस बात का डर है कि राज्य विधानसभा चुनाव से पहले केरल में भाजपा को लोगों का भारी समर्थन मिल सकता है।

भाजपा नेता ने कहा, ‘‘मैं कांग्रेस और वामपंथी दलों द्वारा, विशेष रूप से केरल में, फैलाई जा रही अफ़वाहों को पूरी तरह से खारिज करता हूँ। कांग्रेस और वामपंथी झूठ फैला रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह विधेयक किसी भी धार्मिक समूह के खिलाफ नहीं है… उन्हें इस तरह का झूठ फैलाना बंद करना चाहिए।’’

भाषा

नेत्रपाल मनीषा

मनीषा

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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