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Thursday, 20 August, 2026
होमदेशPM CARES Fund की ऑडिट रिपोर्ट पर खरगे ने पूछा—‘आपातकालीन फंड में हजारों करोड़ जमा करने का क्या मतलब?’

PM CARES Fund की ऑडिट रिपोर्ट पर खरगे ने पूछा—‘आपातकालीन फंड में हजारों करोड़ जमा करने का क्या मतलब?’

खरगे की पोस्ट में साझा वित्तीय विवरण के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में PM CARES Fund का बैलेंस 8,452 करोड़ रुपये था.

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नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरुवार को PM CARES Fund के खर्च को लेकर सवाल उठाए और जवाबदेही की मांग की. उन्होंने वित्त वर्ष 2024-25 के वित्तीय विवरण का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा. उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर लगाए गए कथित ‘चंदा चोरी’ के आरोप का भी ज़िक्र किया.

खरगे ने दावा किया कि वित्त वर्ष के अंत में फंड में करीब 8,452 करोड़ रुपये की राशि बची थी, जबकि पूरे साल में सिर्फ 87.85 लाख रुपये खर्च किए गए. उन्होंने कहा कि 2024-25 में हुआ खर्च फंड की कुल बची राशि का सिर्फ 0.01 प्रतिशत था. उन्होंने सवाल किया कि आपात स्थिति के लिए बनाए गए फंड में हजारों करोड़ रुपये जमा क्यों किए जा रहे हैं.

खरगे ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “PM does not CARE: Public Authority Without Public Accountability?” उन्होंने आगे कहा, “जैसे एक श्री राम मंदिर ट्रस्ट चंदा चोरी के लिए काफी नहीं था…! याद रखिए, मोदी जी, आपने PM CARES Fund और राम मंदिर ट्रस्ट दोनों की घोषणा की थी और दोनों में आपकी निगरानी में चंदा आता है!”

खरगे की पोस्ट में साझा वित्तीय विवरण के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में PM CARES Fund का बैलेंस 8,452 करोड़ रुपये था.

उन्होंने फंड की जवाबदेही की व्यवस्था पर भी सवाल उठाया और आरोप लगाया कि यह RTI, CAG ऑडिट या संसद की जवाबदेही के दायरे में नहीं आता.

खरगे ने कहा, “प्रधानमंत्री इसके चेयरमैन हैं. रक्षा, गृह और वित्त मंत्री इसके ट्रस्टी हैं. यह CSR के तहत मिलने वाले योगदान और टैक्स में छूट वाले दान स्वीकार करता है.”

उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से पूछा कि प्रधानमंत्री के नाम पर बनाए गए इस फंड को सार्वजनिक जांच की सामान्य व्यवस्था से बाहर क्यों रखा गया है.

खरगे ने यह भी सवाल उठाया कि जब 2024-25 में फंड की बची राशि का बहुत छोटा हिस्सा ही खर्च हुआ, तो आपातकालीन फंड में हजारों करोड़ रुपये जमा करने का क्या कारण है.

उन्होंने अपनी पोस्ट में दो सवाल उठाए.

खरगे ने पूछा, “प्रधानमंत्री के नाम वाला फंड सार्वजनिक जांच की सामान्य व्यवस्था से बाहर क्यों है?”

उन्होंने आगे पूछा, “जब 2024-25 में इसकी बची राशि का सिर्फ 0.01 प्रतिशत खर्च हुआ, तो आपातकालीन फंड में हजारों करोड़ रुपये जमा करने का क्या तर्क है?”

खरगे द्वारा साझा किए गए वित्तीय विवरण के अनुसार, वित्त वर्ष के दौरान फंड को देश और विदेश से दान मिला. इसके अलावा बैंक सेविंग्स और फिक्स्ड डिपॉजिट से ब्याज भी मिला.

प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और आपात स्थिति राहत कोष (PM CARES Fund) को कोरोना महामारी जैसी आपात स्थितियों और संकट से निपटने तथा प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए एक सार्वजनिक चैरिटेबल ट्रस्ट के रूप में बनाया गया था.

यह ट्रस्ट 27 मार्च 2020 को नई दिल्ली में Registration Act, 1908 के तहत आधिकारिक तौर पर रजिस्टर्ड हुआ था. इसका उद्देश्य राष्ट्रीय संकट के समय दान लेने और राहत पहुंचाने के लिए एक केंद्रीकृत व्यवस्था के रूप में काम करना है.

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